इंदौर । परिवहन विभाग में आखिरकार लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन कार्ड आ ही गए। इसके चलते कल करीब 500 लाइसेंस और एक हजार से अधिक वाहन रजिस्ट्रेशन कार्ड ङ्क्षप्रट किए गए। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सारी पेंडेंसी खत्म कर दी जाएगी और नियमित कार्ड ङ्क्षप्रट होना शुरू हो जाएंगे। लाइसेंस में 2 और रजिस्ट्रेशन शाखा में 6 ङ्क्षप्रटर पर काम होता है। कार्यालय में कर्मचारी 2014 से लगे पुराने सिस्टम पर काम करने को मजूबर हैं।
परिवहन विभाग में यह पहला मौका नहीं है जब लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन कार्ड के अलावा ङ्क्षप्रटर की कॉर्टेज खत्म हुई और लंबे समय तक काम ठप रहा। आवेदक परेशान होते रहे। दो-तीन महीने में यह स्थिति बनती रहती है। कभी कार्ड खत्म होते तो कभी कॉर्टेज। कई बार तो ङ्क्षप्रटर खराब हो जाता है। इस वजह से काम अटक जाते हैं। खुद अधिकारी मानते हैं कि हर दिन 400 से 500 लाइसेंस बनाए जाते हैं। ऐसे में एक दिन भी काम बंद हो जाए तो पेंडेंसी बढऩे में देर नहीं लगती है। इसके बाद भी अफसर से लेकर स्मार्ट चिप कंपनी के कर्ताधर्ता कार्ड, कॉर्टेज और ङ्क्षप्रटर को लेकर गंभीर नहीं हैं। आए दिन ये दिक्कत देते हैं। जिम्मेदारों की लापरवाही आवेदकों को भारी पड़ती है।
एक दिन में हजार से अधिक
इधर, वाहन रजिस्ट्रेशन शाखा में कार्ड खत्म होने से पेंडेंसी काफी बढ़ गई है। अब कार्ड आने के बाद अधिकारी पहले पेंडेंसी निपटाने में लगे हैैं। बताया जाता है कि शाखा में हर दिन एक हजार से दो हजार कार्ड ङ्क्षप्रट होते हैं। यहां कार्ड की संख्या अधिक होने से 6 ङ्क्षप्रटर पर काम होता है।
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