हारे का सहारा... : हार की हैट्रिक बना चुके पूर्व विधायक फिर से मैदान में

इंदौर। खाटू श्याम के भक्तों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। बोला जाता है कि हारे का सहारा... खाटू श्याम हमारा। इसी फॉर्मूले पर कांग्रेस के एक पूर्व विधायक भी भक्ति में लगे हुए हैं, जो लगातार तीन बार चुनाव हार चुके हैं। वे खाटू श्याम की भजन संख्या के जरिए महू में फिर से सहारा तलाश रहे हैं।

इंदौर जिले की महू विधानसभा हमेशा से ही हाई प्रोफाइल रही है। पूर्व में विधानसभा अध्यक्ष भेरूलाल पाटीदार यहां से लड़ते रहे। बाद में कांग्रेस के अंतरङ्क्षसह दरबार लगातार दो बार विधायक रहे, लेकिन कैलाश विजयवर्गीय के महू पहुंचने पर उनका समीकरण गड़बड़ा गया। लगातार दो बार दरबार को हार का सामना पड़ा। वर्ष 2018 के चुनाव में उनकी भिड़ंत भाजपा की तेज-तर्रार नेता उषा ठाकुर से हो गई और फिर से करारी हार का सामना करना पड़ा।

तीन बार लगातार हारने के बावजूद भी दरबार ने ह्मित नहीं हारी है। अब हारे का सहारा खाटू श्याम है। जी हां, दरबार इन दिनों खाटू श्याम की शरण में हैं। क्षेत्र में लगातार भजन संध्याएं करवा रहे हैं। खुद के गृह क्षेत्र नादेड़ और राजपूत
बाहुल्य क्षेत्र पानदा शौर्य स्थल पर भव्य भजन संध्याएं करवाईं। इसमें भोजन भंडारा भी रखा। दोनों में दसदस हजार से ज्यादा लोग मौजूद रहे। इसके अलावा छोटी-छोटी भजन संध्या भी करवा रहे हैं, जिसके जरिए वे एक बार फिर अपनी जमीन मजबूत करने में जुट गए हैं। इस बार वे भगवान श्याम के भरोसे हैं। बताते हैं कि उन्हें किसी ने भक्ति का गुरु मंत्र दिया है, जिस पर काम करते हुए वे अपनी राजनीति को चमकाने में जुटे हुए हैं।

महू में कई दावेदार
दरबार के लगातार तीन बार हारने के बाद टिकट की संभावनाओं पर सवालिया निशान लगा हुआ है। इसके चलते कई दावेदारों की निगाह महू पर टिकी हुई है। उन्हें लग रहा है कि पार्टी अगर चेहरा बदल देगी तो यहां पर बदलाव हो
सकता है। ऐसे में उन्हें टिकट मिल जाए तो वे कांग्रेस का झंडा गाड़ सकते हैं, लेकिन दरबार हार मानने के मूड में नहीं हैं।



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