वॉशिंगटन अमेरिका ने रूस और चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच हवा से दागी जाने वाली नई परमाणु मिसाइल बनाने के लिए ऑर्डर दिया है। यह मिसाइल 2500 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के ठिकानों पर परमाणु हमला करने में सक्षम होगी। इसके लिए ने हथियार निर्माता कंपनी रेथियॉन टेक्नोलॉजीज के साथ 2 बिलियन डॉलर (लगभग 15 हजार करोड़ रुपये) का करार किया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने गुरुवार को बताया कि रेथियॉन लॉन्ग रेंज स्टैंड ऑफ हथियार को डिजाइन और विकसित करने में मदद कर रहा है। इस मिसाइल को परियोजना को एलआरएसओ के नाम से भी जाना जाता है। 2027 तक मिसाइल के तैयार होने का अनुमान एयर लॉन्च न्यूक्लियर क्रूज मिसाइल को विकसित करने का काम साल 2027 तक पूरा होने का अनुमान है। जिसके बाद इसे मास प्रॉडक्शन के लिए भेज दिया जाएगा। LRSO प्रोग्राम के जरिए बनी मिसाइल 1980 के दशक की AGM-86B एयर लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल की जगह लेगी। यह मिसाइल वर्तमान में अमेरिका के न्यूक्लियर ट्रायड का हिस्सा है, जो अमेरिका को हवा से जमीन पर परमाणु हमला करने की ताकत देता है। इन विमानों में तैनात होगी नई परमाणु मिसाइल इस हथियार को अमेरिकी वायु सेना के बी -52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस, बी -2 स्पिरिट और भविष्य के बी -21 लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक बॉम्बर पर तैनात किए जाने की योजना है। दूसरे वेपन सिस्टम के विपरीत इस मिसाइल को पहले तैनात किया जाएगा, बाद में इसको और उन्नत बनाने के लिए ट्रायल किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि LRSO प्रोग्राम के जरिए बनी मिसाइल लगभग 2500 किलोमीटर दूर लक्ष्य तक हमला करने में सक्षम होगी। परमाणु मिसाइल के लिए 7 लाख करोड़ खर्च कर रहा अमेरिका इसी साल फरवरी में अमेरिका ने पुराने पड़ते मिनटमैन III मिसाइलों के बेड़े को बदलने की कवायद शुरू की थी। इसके लिए अमेरिका ने 7 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्लान बनाया है। पिछले साल 8 सितंबर को अमेरिकी वायुसेना ने हथियार निर्माता कंपनी कंपनी नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन को 13.3 बिलियन डॉलर का एक करार किया था। जिसमें इस मिसाइल की इंजिनियरिंग और मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट बैठाने की प्रारंभिक लागत शामिल थी। 10000 किमी दूर परमाणु हमला करने में सक्षम इस मिसाइल की ताकत जापान के हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से लगभग 20 गुना ज्यादा है। यह मिसाइल अमेरिका से लॉन्च होने के बाद चीन की राजधानी पेइचिंग को पल भर में बर्बाद करने की क्षमता रखता है। अत्याधुनिक तकनीकी से बनी गाइडेड सिस्टम के कारण 10000 किलोमीटर की यात्रा करने के बावजूद यह मिसाइल पिन पॉइंट एक्यूरेसी के साथ अपने टॉरगेट को हिट करने में सक्षम है। अमेरिकी वायुसेना ने इस मिसाइल की 600 यूनिट के लिए ऑर्डर देने का प्लान किया है। मिनटमैन III परमाणु मिसाइल की जगह होगी तैनात यह परमाणु मिसाइल पुरानी पड़ चुकी मिनटमैन III मिसाइलों के बेड़े से बदली जाएगी। अमेरिका के ग्राउंड-बेस्ड स्ट्रैटेजिक डिटरेंट के लिए इस मिसाइल का उपयोग किया जाएगा। अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) श्रेणी की मिसाइल होने के कारण इसे जमीन के अंदर बने सुरक्षित मिसाइल ठिकानों में तैनात किया जाएगा। जहां से लॉन्चिंग के बाद यह दुनिया के किसी भी कोने में हमला करने में सक्षम होगी। इस मिसाइल का नामांकरण अभी तक नहीं हुआ है, हालांकि संभावना जताई जा रही है कि एटलस, टाइटन और पीसकीपर जैसे अमेरिका के पुराने परमाणु मिसाइलों की तरह ही इसके नाम में भी शक्ति और शांति दोनों का समावेश होगा।
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