सीएम नीतीश को 'फ्री हैंड' देने के मूड में नहीं तेजस्वी, स्पीकर पोस्ट के लिए आरजेडी कर सकती है दावेदारी

पटना बिहार चुनाव में नीतीश कुमार () के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को महागठबंधन (Mahagathbandhan) ने कड़ी चुनौती दी। कांटे के मुकाबले में एनडीए बहुमत का आंकड़ा हासिल करने में कामयाब रहा और नीतीश कुमार फिर से सूबे के सीएम बन गए हैं। बावजूद इसके () नई सरकार को फ्री हैंड देने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आरजेडी विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है। यही वजह है कि बिहार विधानसभा अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनता दल की ओर से उम्मीदवार उतारे जाने पर विचार किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए आरजेडी उतार सकती है उम्मीदवार बिहार में नई सरकार बनने के बाद 23 नवंबर से विधानसभा का पहला सत्र शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन नव-निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई गई। मंगलवार को सत्र के दूसरे दिन भी नए विधायकों का शपथ ग्रहण होगा। कार्यक्रम के मुताबिक, कल यानी 25 नवंबर को नए विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा। स्पीकर के चुनाव में इस बार आरजेडी भी उम्मीदवार उतारने की योजना में है। अगर ऐसा होता है कि स्पीकर के चुनाव में वोटिंग होगी, इसी के आधार पर नए अध्यक्ष का चुनाव होगा। इसे भी पढ़ें:- राबड़ी आवास पर अहम बैठक, लालू यादव लेंगे फाइनल फैसला जानकारी के मुताबिक, विधानसभा अध्यक्ष पद के चुनाव में कैंडिडेट उतारे जाने को लेकर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ही अंतिम फैसला लेंगे। फिलहाल आरजेडी नेतृत्व अगर उम्मीदवार उतारती है तो इस लिस्ट कुछ नाम चर्चा में चल रहे हैं। इनमें अवध बिहारी चौधरी, भाई वीरेंद्र समेत आरजेडी के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर विचार चल रहा है। खबर ये भी है कि पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पर पार्टी के प्रमुख नेताओं और विधायकों को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाया गया है। जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। विधानसभा सत्र के पहले दिन ही विपक्ष ने दिखाए तेवर वहीं, विधानसभा सत्र के पहले दिन से ही विपक्ष ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को शपथ की कार्यवाही शुरू होने के पहले कांग्रेस और वामदलों के विधायकों ने सदन के बाहर अलग-अलग मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। हाजीपुर के गुलनाज हत्याकांड मामले को लेकर कांग्रेस ने विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेसी विधायकों ने विधानसभा के बाहर 'गुलनाज को इंसाफ दो' जैसे नारे लगाए। साथ ही नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधा। तेजस्वी यादव ने साधा सीएम नीतीश पर निशाना दूसरी ओर तेजस्वी यादव ने एनडीए की ओर से 19 लाख नौकरियों के वादे का जिक्र करते हुए प्रदेश सरकार को घेरने की कोशिश की। सोमवार को उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के 'भीष्म पितामह' हैं, सरकार में आने के बाद फिर वही काम किए। सभी गुनाहगारों का संरक्षण देना नीतीश का काम है। उन्होंने एक भ्रष्टाचारी को शिक्षा मंत्री बना दिया। मामले ने तूल पकड़ा तो शिक्षा मंत्री बदल दिया। लेकिन मैं पूछता हूं कि मेवालाल चौधरी जैसे भ्रष्टाचारी लोगों को मंत्री कैसे बनाया गया। अब नए शिक्षा मंत्री के परिवार पर भी सवाल खड़ा हुआ है तो नीतीश कुमार चुप क्यों हैं?


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