World Hypertension Day 2023: क्या है हाइपरटेंशन, ज्योतिष एक्सपर्ट से जाने ये कौन से ग्रहों का दोष, करें ये उपाय

World Hypertension Day these planets give hypertension, astro tips: सबसे पहला सवाल कि वल्र्ड हाइपरटेंशन डे क्यों मनाया जाता है? दूसरा सवाल कि आखिर ये बीमारी है क्या? क्या इस बीमारी के लिए भी हमारी कुंडली के ग्रह होते हैं जिम्मेदार? अगर हां तो किन उपायों को करने से मिल सकती है राहत? पत्रिका.कॉम के इस लेख में हम आपको बता रहे हैं आपके मन में आज वल्र्ड हाइपरटेंशन डे को लेकर चल रहे कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब...

जानें क्यों मनाया जाता है World Hypertension Day 2023
वल्र्ड हाइपरटेंशन डे या विश्व उच्च रक्तचाप दिवस हर साल 17 मई को दुनिया भर में मनाया जाता है। चिकित्सकीय भाषा में इसे एक साइलेंट किलर का नाम दिया गया है। वर्तमान में हर उम्र के लोगों में यह बीमारी तेजी से बढ़ी है। जिसे देखते हुए इस बीमारी को लेकर लोगों को अवेयर करने के लिए इस दिन को मनाने की शुरुआत की गई।

जानें इसका इतिहास
वल्र्ड हाइपरटेंशन डे को लीग या डब्ल्यूएचएल एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो विश्व स्तर पर उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) को रोकने और लोगों को वैश्विक स्तर पर इसकी स्थिति के बारे में अवेयर करने के लिए काम कर रहा है। संगठन की स्थापना 4 जनवरी, 1984 को हुई थी। यह वह संगठन है जिसने 2005 में विश्व उच्च रक्तचाप दिवस की शुरुआत की थी और 2006 से, 17 मई को हर साल वल्र्ड हाइपरटेंशन डे के रूप में मनाया जाता है।

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पुरुषों में ज्यादा खतरा
हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन का खतरा महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ज्यादा होता है। इसके एक नहीं बल्कि कई कारण है, एक है फैमिली हिस्ट्री, टेंशन, बेड फूड हेबिट्स और बिगड़ती लाइफ स्टाइल भी इसका कारण है।

जानें क्या है हाइपरटेंशन
हमारे शरीर में बहते हुए खून से नलियों में जो दबाव पड़ता है, वही ब्लड प्रेशर या रक्तचाप कहलाता है। जब रक्त का बहाव तेज हो जाता है, तो इसे उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन की स्थिति माना जाता है। वहीं यदि खून का बहाव कम हो जाए, तो यह स्थिति निम्न रक्तचाप, लो ब्लड प्रेशर की स्थिति मानी जाती है। इसके कारण शरीर में कई बीमारियां घर कर लेती हैं।

 

इन ग्रहों के कारण होती है यह परेशानी
भोपाल के ज्योतिषाचार्य पं. अरविंद तिवारी कहते हैं कि ज्योतिष शास्त्र में ब्लड या रक्त का स्वामी मंगल ग्रह को माना जाता है। वहीं दबाव के लिए चंद्रमा को जिम्मेदार माना जाता है। इसीलिए ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी के लिए चंद्रमा और मंगल दोनों बड़े जिम्मेदार माने जाते हैं। इसके साथ ही बृहस्पति ग्रह के कारण शरीर की नसों में वसा जमा होने लगती है। यह स्थिति ब्लड प्रेशर को प्रभावित करती है। वहीं सूर्य के कारण हृदय की पम्पिंग पर असर पड़ता है। इसके कारण ब्लड प्रेशर पर असर नजर आता है। ऐसे में खान-पान के साथ ही ग्रहों की स्थिति पर नियंत्रण के उपाय करते हुए ब्लड प्रेशर सं संबंधित बीमारियों से बचा जा सकता है।

 

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जानें कब होता है लो ब्लड प्रेशर

- जब चन्द्रमा कमजोर हो।

- सूर्य या शुक्र कमजोर हो।

- हथेलियों में चन्द्र पर्वत पर कालिमा या दाग धब्बे हों।

- घर में सीलन या अंधेरा ज्यादा रहे।

- जिनका मूलांक 2 या 6 हो।

लॉ ब्लड प्रेशर से बचन के उपाय

- रोजाना सूर्य को जल चढ़ाएं।

- ऊं भास्कराय नम: का जाप करें।

- मोती या ओपल न पहने।

- दिन में नमक चीनी पानी का घोल तीन से चार बार पीयें।

-रसीले फलों का प्रयोग बढ़ाएं।

जानें कब होता है हाई ब्लड प्रेशर

- जब मंगल ज्यादा मजबूत हो।

- चंद्रमा खराब हो।

- कुंडली में अग्नि तत्व की मात्रा ज्यादा हो।

- राहु का संबंध केंद्र स्थानों से हो।

- मूलांक 4, 8 या 9 हो।

हाईपरटेंशन से बचने के उपाय

- भोजन में नमक और तेल का प्रयोग कम से कम करें।

- एक बार में ढेर सारा खाना न खाएं।

- सूर्य उगने से पहले उठें और जल्दी सोएं भी।

- हरी सब्जियों का प्रयोग करें। लौकी और पत्तागोभी का ज्यूस पिएं।

- गले में स्फटिक की माला पहने।

- सुबह-शाम गायत्री मंत्र का जाप करें।

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बना लें ये आदतें ब्लड प्रेशर करेगा परेशान

- प्राणायाम और ध्यान करें।

- भोजन में अनाज का प्रयोग कम से कम करें

- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।

- एक चांदी का छल्ला या चेन पहनें।

- हल्के नीले रंग का इस्तेमाल बढ़ा दें।

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