Layoffs: फोनपे से नहीं हो सकी डील! ZestMoney ने लिया छंटनी का फैसला, 20% कर्मचारियों पर पड़ेगा असर

<p style="text-align: justify;"><strong>ZestMoney Layoffs 2023:</strong> बाय नाउ, पे लेटर (Buy Now Pay Later) का मशहूर प्लेटफॉर्म जेस्टमनी (ZestMoney) ने छंटनी करने का फैसला किया है. दुनियाभर में मंदी के कारण कई कंपनियों ने कर्मचारियों की छंटनी का फैसला किया है. इसमें कई स्टार्टअप कंपनियां भी शामिल हैं. हाल ही में जेस्टमनी ने अपने कारोबार को बचने के लिए फोन पे (PhonePe) से बातचीत कर रही थी, मगर यह डील नहीं हो सकी. ऐसे में अब जेस्टमनी ने अपने कुल कर्मचारियों में से 20 फीसदी की छंटनी का फैसला किया है. कंपनी अब कुल 100 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने वाली है.&nbsp;</p> <h3 style="text-align: justify;"><strong>कर्मचारियों को दे दी गई जानकारी</strong></h3> <p style="text-align: justify;">फोनपे से डील कैंसिल होने के बाद जेस्टमनी के टॉप अधिकारियों और फाउंडरों ने 6 अप्रैल को मीटिंग के बाद कर्मचारियों की छंटनी का फैसला किया है. इस बैठक में कुल 20 फीसदी कर्मचारियों की लिस्ट तैयार की गई. एंप्लाइज को इसके बारे में जानकारी दे दी गई है. निकाले गए कर्मचारियों को कंपनी एक महीने की सैलरी और हेल्थ असिस्टेंट जैसे कई सुविधाएं भी दी जाएगी. कंपनी में कुल एंप्लाइज की संख्या 450 है.</p> <h3 style="text-align: justify;"><strong>PhonePe से नहीं हो सकी डील</strong></h3> <p style="text-align: justify;">जेस्टमनी में लंबे वक्त से छंटनी की सुगबुगाहट हो रही थी, क्योंकि फोन पे से कंपनी की डील कैंसिल हो गई थी. इस स्टार्टअप कंपनी की फाउंडर प्रिया शर्मा से कुछ दिन पहले ही अपने कर्मचारियों को नौकरी देने की बात कही थी. इसके बाद से ही यह आशंका जताई जा रही थी कि जल्द ही कंपनी बड़े पैमाने पर छंटनी कर सकती है. मनी कंट्रोल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक फोनपे ने जेस्टमनी को भले दी खरीदने से मना कर दिया है, लेकिन उसने इस स्टार्टअप कंपनी के 200 कर्मचारियों को नौकरी पर रखने के लिए तैयार है. मगर अभी तक इस पर कंपनी के द्वारा कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है.</p> <h3 style="text-align: justify;"><strong>फोनपे और जेस्टमनी में क्यों नहीं हो सकी डील?</strong></h3> <p style="text-align: justify;">हाल ही में रिजर्व बैंक ने अपने आदेश में नॉन बैंकिंग इंस्टीट्यूशंस और फिनटेक कंपनियों पर प्रीपेड कार्ड्स या वॉलेट्स पर क्रेडिट लाइन बढ़ाने पर रोक लगा दी थी. इस फैसले से जेस्टमनी पर बहुत बुरा असर पड़ा. मगर फोन पे इस इस डील के न पूरा होने पर कहा कि इस डील में कुछ कानूनी कमियां थी. इसके बाद कंपनी ने इस डील से पीछे हटने का फैसला किया.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/P45bMSw Loan: 8 साल में 40 करोड़ से ज्यादा को मिला 23 लाख करोड़ रुपये का लोन, जानें पीएम मुद्रा योजना का कैसे मिलेगा लाभ</strong></a></p>

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