इंदौर.
इंदौर सहित राजस्थान में भी लूटपाट करने वाले दो भाईयों मनीष हीरालाल निरगुडे और उसके भाई ललित (लल्ला) निरगुडे के मकान को तोडऩे के लिए गुरूवार को नगर निगम की टीमें पहुंची। भंवरकुआं थाना क्षेत्र में रहने वाले दोनों गुंडों ने 5 अक्टूबर को रासूका से बाहर आते ही रिंग रोड पर प्रतिक्षा ढाबे के नजदीक अक्षय पिता जितेंद्र प्रताप का अपहरण कर 25 लाख की फिरौती मांगी थी।
दोनों भाई रिंग रोड से लगी हुई बंशीधाम कॉलोनी के मकान नंबर 101 में रहते थे। इस अवैध कॉलोनी में 750 वर्ग फीट के इस मकान पर दोनों का एक मंजिला मकान है। इस मकान को बनाने के लिए नगर निगम से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। पिछले दिनों नगर निगम को पुलिस ने चि_ी लिखकर इनकी संपंत्ति पर कार्रवाई के लिए कहा था। वहीं बगैर अनुमति के बने इस मकान को लेकर नगर निगम ने नोटिस जारी किया था। जिसके बाद गुरूवार को निगम की टीमें कार्रवाई के लिए पहुंची। यहां कार्रवाई के लिए दो पोकलेन मशीनों के साथ ही बुलडोजर और 100 से ज्यादा कर्मचारियों की टीमें पहुंची थी। नगर निगम की टीम जब उसके मकान को तोडऩे पहुंची तो घर में मौजूद परिजनों ने अपना सामान पहले से ही बांधना शुरू कर दिया था। बचा हुआ सामान निकालकर निगम के अमले ने मकान तोडऩा शुरू किया।
अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया
गुंडों के घर पर कार्रवाई के दौरान विरोध की आशंका पुलिस को थी। इसके लिए भंवरकुआं पुलिस ने अतिरिक्त पुलिस बल को भी यहां बुलाया गया था। दो ट्रक भरकर पुलिस के जवान यहां कार्रवाई के लिए पहुंच रहे थे।
एक पर 10 और दूसरे पर 13 प्रकरण हैं दर्ज
जिन भाईयों पर कार्रवाई की जा रही है उनमें 24 साल के मनीष निरगुडे पर 10 और 20 साल के छोटे भाई ललित निरगुडे पर इंदौर में ही 13 केस दर्ज हैं। इन पर भंवरकुआं, अन्नपूर्णा, बडगौंदा, आजादनगर, एमआईजी थाने में केस दर्ज हैं। इसके अलावा राजस्थान के डूंगरपुर में थाना सगर में भी केस दर्ज हैं।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/dg2K7ko