इंदौर. शहर की ऐतिहासिक धरोहर राजबाड़ा का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसके तहत बड़ी मात्रा में अनुपयोगी लकड़ी और लोहा निकला है। इसकी नीलामी स्मार्ट सिटी कंपनी करने जा रही है। इसको लेकर सूचना जारी हो गई है। इसमें लकड़ी की कीमत 73 हजार रुपए और लोहे की 17 हजार रुपए से ज्यादा तय की गई है। नीलामी में इससे ज्यादा कीमत देने वाले को यह लकड़ी और लोहा बेचा जाएगा।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत राजबाड़ा का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। होलकरकालीन इस धरोहर को संवारने का काम स्मार्ट सिटी कंपनी ने जनवरी 2018 में शुरू किया था। इसे पूरा करने की समय सीमा 18 माह रखी गई, लेकिन आज साढ़े चार वर्ष गुजरने के बावजूद काम पूरा नहीं हुआ। पिछले दिनों राजबाड़ा का निरीक्षण करने स्मार्ट सिटी कंपनी की कार्यपालक निदेशक व निगमायुक्त प्रतिभा पाल पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने जीर्णोद्धार के चलते 30 जुलाई तक राजबाडा के शेष कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए थे। राजबाडा के मुख्य द्वार पर लगे लोहे के स्ट्रक्चर को हटाने की समय सीमा 15 अगस्त रखी गई। स्ट्रक्चर के हटते ही राजबाडा अपने मूल स्वरूप में दिखाई देगा।
इधर, जीर्णोद्धार के चलते राजबाड़ा में से निकली अनुपयोगी लकड़ी और लोहे के सामान को नीलामी स्मार्ट सिटी कंपनी करने जा रही है। इसको लेकर कंपनी ने सूचना जारी कर दी है। इसमें राजबाड़ा के अंदर रखी गई 21 टन अनुपयोगी लकड़ी की कीमत 73 हजार 206 रुपए रखी गई है। लोहे का सामान 890 किलो ग्राम है। इसकी कीमत 17 हजार रुपए 820 रुपए तय की गई है। नीलामी में शामिल होने वाले लोगों को अमानत राशि 19 जुलाई को शाम 5 बजे तक नेहरू पार्क स्थित स्मार्ट सिटी कंपनी के ऑफिस में जमा कराना होगी। नीलामी 20 जुलाई को सुबह 11 बजे राजबाड़ा पर ही होगी। इसमें जो लोग तय राशि से ज्यादा कीतम देंगे, उन्हें लकड़ी और लोहा मिलेगा। उच्चतम बोलीकार को दर स्वीकृति के 7 दिन की अवधि में बोली की राशि जमाकर लकड़ी और लोहे को हटाना होगा। तय समय में यह काम न होने पर जमा की गई अमानत राशि राजसात कर ली जाएगी।
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