चोरों के निशाने पर विद्यालय क्र. 27

इंदौर@ मनीष यादव
गोमा की फैल स्थित सरकारी स्कूल में लगातार चोरी की वारदात हो रही हैं। एक दर्जन बार यहां ताले तोड़े जा चुके हैं। लगातार हो रही वारदात पर मामले की पड़ताल करने जब न्यूज टुडे टीम स्कूल पहुंची तो पता चला कि स्कूल का गेट और पास की धर्मशाला की सीढ़ी के रास्ते चोर विद्यालय भवन में घुसकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। कई बार शिकायतों के बाद भी पुलिस यहां हो रही वारदात को गंभीरता से नहीं ले रही, न बदमाशों की धरपकड़ कर पा रही है। इसी का नतीजा है कि बदमाशों का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है और वो स्कूल में लगातार चोरी कर रहे हैं, तोडफ़ोड़ कर रहे हैं, आग लगा रहे हैं।
गोमा की फैल स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-27 में एक दर्जन वारदात हो चुकी हैं। चोरों को स्कूल में आने से रोकने के लिए कई फीट ऊंची दीवार भी बनाई गई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। चोर मेन गेट के ऊपर चढक़र घुसने लगे। बदमाशों ने गेट के सरिए भी इसके लिए मोड़ दिए। उनके स्कूल में घुसने का दूसरा रास्ता पास स्थित भामी समाज की धर्मशाला बन रही है। उसका गेट कूदकर आसानी से अंदर चले जाते हैं। इसके बाद सीढिय़ों से स्कूल की पुरानी इमारत पर कूद जाते हैं। चोरी करने के बाद माल छिपाने की जगह भी स्कूल का वही हिस्सा है। धर्मशाला की सीढिय़ों से इमारत की दूरी दो फीट के लगभग है। इससे आसानी से आरोपी आना-जाना कर लेते हैं।
जालियों पर वेल्डिंग कमजोर
स्कूल बिल्डिंग में खिड़कियों पर लगाई जाली मजबूत है, लेकिन उन पर ठीक तरीके से वेल्डिंग नहीं की गई है। इसके चलते आसानी से टूट जाती है। अभी दो वारदात ऐसे ही हुई हैं। न्यूज टुडे टीम ने भी वहां से जाने से कोशिश की, लेकिन संभव नहीं हो सका है। उससे इतनी जगह जालियों के बीच में बच रही है कि बच्चा ही वहां से निकल सके। कोई बच्चा अंदर गया और बाहर से किसी बड़े ने उसकी मदद की।

चोरों के निशाने पर विद्यालय क्र. 27

तोडफ़ोड़ व नुकसान ज्यादा
क्षेत्र के पावडरबाज नशेड़ी स्कूल के आसपास घूमते रहते हैं। कोई विरोध करे तो उसकी गाड़़ी को नुकसान पहुंचाते हैं और पत्थर फेंकते हैं। हाल ही में हुई चोरी की दोनों वारदात में आरोपियों ने सामान कम चुराया, नुकसान ज्यादा किया। कम्प्यूटर लैब से सामान चुराया, इसके बाद बाहर परिसर में लाकर कुछ को आग लगा दी। इसके साथ ही तोडफ़ोड़ भी कर दी।

डेढ़ साल से सिलसिला
मैं 2012 से स्कूल में हूं। जब तक स्कूल कच्चा था, वारदात नहीं हुईं। पक्का बनने के साथ ही स्कूलों का समायोजन कर दिया गया तो डेढ़ साल से यहां वारदात होने लगीं। चोर स्कूल की खिडक़ी-दरवाजे के साथ ही पंखे, बिजली के तार तक चुरा ले गए।
-रानी मेवाड़े, स्कूल प्रभारी
चौकीदार जरूरी
नगर निगम करोड़ों रुपए खर्च कर स्कूल बनाता है। अगर बड़े स्कूल में चौकीदार रख दिया जाए तो इस तरह के नुकसान से बचा जा सकता है। इसकी सुरक्षा व्यवस्था निगम को अपने हाथ में रखना चाहिए। बढ़ती वारदात देख यहां चौकीदार रखना जरूरी है।
- नंदकिशोर पहाडिय़ा, पूर्व पार्षद



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