इंदौर. स्वर्णबाग अग्निकांड के बाद फिर से अवैध कॉलोनियां चर्चा में आ गई हैं। सवाल उठने लगा है कि शहर में अवैध कॉलोनी कटने और इनमें होने वाले निर्माण को रोकने की जिम्मेदारी नगर निगम बिल्डिंग परमिशन शाखा के बिल्डिंग अफसर (बीओ) व इंस्पेक्टर (बीआई) की होती है। कार्रवाई करने के लिए निगमायुक्त ने इन्हें अधिकृत कर रखा है। फिर ये लोग अवैध कॉलोनी कटने और उनमें होने वाले निर्माण को रोकते क्यों नहीं हैं। बीओ-बीआई जितनी रुचि नक्शा पास करने में दिखाते हैं, उतनी अवैध निर्माण होने से पहले नहीं दिखाते। जागते तब तक नहीं हैं, जब शहर में कोई हादसा न हो जाए।
शहर में धड़ल्ले से अवैध निर्माण हो रहे हैं। ताजा मामला विजय नगर क्षेत्र की स्वर्णबाग कॉलोनी का है, जहां भीषण अग्निकांड में 7 लोग मारे गए। इस अवैध कॉलोनी में निर्माण कार्य जारी हैं, लेकिन इन्हें रोकने की कार्रवाई बीओ-बीआई नहीं करते। इसी का परिणाम है कि अवैध कॉलोनियां धड़ल्ले से कट रही हैं और बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों में अवैध निर्माण हो रहे हैं। इसको लेकर निगम के 19 जोन, बिल्डिंग परमिशन शाखा और सीएम हेल्प लाइन पर शिकायतों का ढेर लगा है, मगर कार्रवाई नहीं होती। अभी निगम से मंजूर नक्शे के विपरित काम करने पर 30 प्रतिशत तक अवैध निर्माण को वैध किया जा रहा है, लेकिन कई बिल्डिंग ऐसी हैं, जिनमें 30 प्रतिशत से ज्यादा अवैध निर्माण है। राजनीतिक हस्तक्षेप और रसूखदारी के चलते इन्हें तोडऩे को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
निगमायुक्त के आदेश का नहीं हो रहा पालन
अवैध निर्माण होने और तोडऩे से रोकने में हमेशा नाकाम रहने वाले निगम ने पिछले दिनों एक ऐसा रास्ता निकाला, जिस पर अभी तक बीओ-बीआई नहीं चले हैं। निगमायुक्त प्रतिभा पाल और अपर आयुक्त संदीप सोनी द्वारा निकाले गए इस रास्ते पर चलने से काफी हद तक अवैध निर्माण रुक सकते हैं। इसमें फैसला लिया कि अब शहर में बनने वाली कमर्शियल, आवासीय और मिक्स्ड यूज यानी कमर्शियल कम रेसिडेंसल बिल्डिंग को तब तक शुरू नहीं होने दिया जाएगा, जब तक बिल्डिंग मालिक निगम से कार्यपूर्णता और अधिभोग प्रमाण-पत्र नहीं लेगा। इन दोनों प्रमाण-पत्र को लेने के लिए बिल्डिंग बनाने वाले को नियम-कायदे से काम करना होगा। निगम से पास नक्शे अनुसार मौके पर निर्माण करना होगा, वरना बिल्डिंग चालू नहीं होगी। इसकी जांच कर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी बीओ-बीआई को दी गई है, जिन्होंने आज तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है।
थाने में प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश
निगम की कॉलोनी सेल और 19 जोन के बीओ- बीआई को निगमायुक्त ने निर्देशित किया है कि शहर में कहीं भी अवैध कॉलोनी नहीं कटे। बिना विकास अनुमति और बिना बिल्डिंग परमिशन अगर काम होता पाया जाए, तो तत्काल अवैध कॉलोनी काटने वाले कॉलोनाइजर और अवैध निर्माण करने वाले पर पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया जाए। बीआई को निर्देशित किया गया कि बिना किसी अनुमति के किसी भी प्रकार का अवैध कॉलोनी का निर्माण निगम सीमा में नहीं हो, यह सुनिश्चित करें। इसके बावजूद रेवती रेंज, नरवल, चंदन नगर, मूसाखेड़ी, सिरपुर क्षेत्र, हवा बंगला क्षेत्र और खजराना आदि जगह अवैध कॉलोनी कटने के साथ निर्माण हो रहे हैं, लेकिन बीओ-बीआई स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
पार्किंग में किए अवैध निर्माण
शहर में कई ऐसी कमर्शियल और मिक्स यूज वाली बड़ी बिल्डिंग हंै, जिनकी पार्किंग में अवैध निर्माण हैं। ज्यादा दूर नहीं जाएं, निगम मुख्यालय से चंद कदमों की दूरी पर जेल रोड पर जितनी भी बड़ी बिल्डिंग बनी हैं, उनमें से एक में भी पार्किंग नहीं है। इनकी जगह दुकानें बनी हैं। ग्राहकों के वाहन सडक़ पर खड़े रहते हैं। पैदल चलने तक की जगह नहीं बचती। जेल रोड ही क्यों, शहर के अन्य मुख्य मार्गों और बाजारों की भी यही हालत है, जहां पर बिल्डिंग की पार्किंग में निर्माण और वाहन सडक़ पर खड़े रहते हैं। सवाल यह है कि निगम जब स्वच्छता और भू-जल संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े अभियान चला सकता है, तो फिर अवैध निर्माण रोकने में नाकाम क्यों हो जाता है।
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