यूक्रेन जंग पर अब मंडरा रहा जैविक हथियारों का खतरा ! साइबेरिया में छिपे हैं पुतिन के ढेरों विनाशकारी 'वायरस' ?

मॉस्को : वाइट हाउस ने बुधवार को चिंता जताई कि यूक्रेन युद्ध में रूस जैविक हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। प्रेस सचिव जेन साकी ने क्रेमलिन के उन आरोपों की निंदा की जिनमें कहा गया था कि अमेरिका यूक्रेन में एक बायोलैब विकसित कर रहा है। उन्होंने इन आरोपों को 'निराधार' करार देते हुए उल्टा रूसी राष्ट्रपति पर निशाना साधा। साकी ने कहा कि पुतिन का अपने दुश्मनों को झुकाने के लिए इस तरह के भयावह तरीकों को इस्तेमाल करने का इतिहास है। इन आरोपों ने साइबेरिया के एक सोवियत कालीन रिसर्च संस्थान को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं जिसका इस्तेमाल पुतिन जैविक हथियारों के शस्त्रागार के रूप में कर सकते हैं। अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने पिछले साल आरोप लगाया था कि रूस एक जैविक हथियार कार्यक्रम चला रहा है जिसका क्रेमलिन ने खंडन किया था। बुधवार को जेन साकी ने ट्विटर पर लिखा, 'रूस का रसायनिक हथियार इस्तेमाल करने का एक लंबा ट्रैक रेकॉर्ड रहा है, इसमें पुतिन के राजनीतिक विरोधी एलेक्सी नवलनी की जहर देकर हत्या का प्रयास भी शामिल है।' 'जैविक-हथियार कार्यक्रम चला रहा रूस'उन्होंने लिखा, 'रूस सीरिया में असद सरकार का समर्थन करता है, जो लगातार रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करती है। रूस लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए जैविक हथियार कार्यक्रम चला रहा है।' इससे पहले पुतिन अपने सहयोगी सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद को देश में चल रहे गृह युद्ध में नागरिकों पर रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के लिए संयुक्त राष्ट्र की जांच से बचा चुके हैं। सीरिया की सरकार को मिलता है रूस का समर्थन ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक सीरिया में 2013 से 2018 के बीच में 85 रासायनिक हमले हो चुके हैं। इसमें से ज्यादातर के लिए रूस समर्थित सीरियाई सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया है। मॉस्को और दमश्क ने जैविक हथियारों के इस्तेमाल के आरोपों को खारिज किया है। 2018 में सीरिया के डौमा शहर में एक सरीन गैस हमले में लगभग 40 से 50 लोगों के मारे जाने की खबर मिली थी। सोवियत काल के इंस्टीट्यूट को बनाया शास्त्रागाररूसी अधिकारियों ने इस क्षेत्र का दौरा करने के बाद दावा किया था कि यह हमला पश्चिमी सरकारों ने करवाया है। पुतिन पर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एलेक्सी नवलनी और रूसी के पूर्व खुफिया अधिकारी सर्गेई स्क्रिपल पर रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के आरोप भी लगते रहे हैं। रूस पर आरोप लगाया जा रहा है कि साइबेरिया में सोवियत काल का एक रिसर्च इंस्टीट्यूट अब पुतिन के जैविक हथियारों का शस्त्रागार बन चुका है। यह दुनिया की 59 अधिकतम सुरक्षा वाली बायोलैब में से एक है। इन लैबों में चीन का वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भी शामिल है।


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