पेइचिंग शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम की एक हालिया रिसर्च ने एक प्राचीन शहर की खोज की है जो गुमनाम हो गया था। लेकिन आखिर चीन के पूर्व में 5,300 साल पहले बने शहर की आबादी अचानक कैसे गायब हो गई? कारण जानकर शोधकर्ता हैरान हो गए हैं। शोधकर्ता बताते हैं कि चीन के लियांगझू शहर के खंडहर दिखाते हैं कि एक समाज के रूप में उस वक्त संस्कृति बेहद उन्नत थी, खासकर कृषि और जलीय व्यवस्था। उन्होंने बेहतरीन वास्तुशिल्प संरचनाओं और प्रणालियों का निर्माण किया। इसमें नहरें, बांध और जलाशय जैसी चीजें शामिल थीं जिसकी वजह से लियांगझू को 'पूर्व का वेनिस' कहा जाता था। लेकिन यह सब कैसे गायब हो गया? ज्यादातर शोधकर्ता इसके पीछे किसी तरह की बाढ़ को कारण मानते हैं। ऑस्ट्रिया में यूनिवर्सिटी ऑफ इंसब्रुक के भूविज्ञानी क्रिस्टोफ स्पॉटल ने बताया कि संरक्षित खंडहरों पर मिट्टी की एक पतली परत पाई गई जो प्राचीन सभ्यता के अंत और यांग्त्ज़ी नदी या पूर्वी चीन सागर की बाढ़ की ओर इशारा करती है। शोधकर्ताओं ने सुलझाई गुत्थीहालांकि मिट्टी की परत से कोई सटीक निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। लेकिन नए अध्ययन ने इस गुत्थी को बहुत हद तक सुलझा दिया है। यूनिवर्सिटी ऑफ चाइना के हैवेई झांग के नेतृत्व में प्रो. स्पॉटल और शोधकर्ताओं की टीम ने और ज्यादा गहराई तक खुदाई की। उन्होंने इस क्षेत्र में पानी के नीचे दो गुफाओं से खनिज संरचनाओं की जांच की, जहां हजारों साल पुरानी जलवायु परिस्थितियां और रासायनिक हस्ताक्षण संरक्षित हैं। भयानक बारिश में बह गया शहरस्टैलेग्माइट के नमूनों की जांच से पता चला है कि लियांगझू शहर का पतन अत्यधिक बारिश के कारण हुआ जो करीब 4,300 साल पहले संभवतः कई दशकों तक चली थी। रिसर्च टीम के मुताबिक भारी मानसून बारिश के कारण संभवतः यांग्त्ज़ी नदी में बेहद भीषण बाढ़ आई और यहां बने बांध और नाले नष्ट हो गए। लिहाजा लियांगझू शहर का अस्तित्व समाप्त हो गया और बड़ी संख्या में लोग पलायन के लिए मजबूर हुए।
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