<p style="text-align: justify;"><strong>Paytm Listing:</strong> पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One97 Communications) के शेयरों में गुरुवार को कमजोर लिस्टिंग के बाद भी गिरावट जारी रही. इसके शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर अपने IPO प्राइस से करीब 9 पर्सेंट नीचे लिस्ट हुए और फिर लुढ़कर करीब 27 पर्सेंट की गिरावट के साथ 1,564 रुपये पर बंद हुए. कंपनी के आईपीओ को 1.9 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था, जिसे कई एनालिस्ट ने उम्मीद से कम बताया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सबसे बड़े IPO </strong><strong>की खराब लिस्टिंग</strong></p> <p style="text-align: justify;">Paytm का आईपीओ भारतीय इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है. हालांकि इसकी लिस्टिंग इस साल की सबसे खराब लिस्टिंग में से एक है. कंपनी के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने कहा कि शेयर प्राइस कंपनी के बिजनेस मॉडल को सही तरीके नहीं दर्शाता है और लोगों को इसे समझने में थोड़ा समय लगेगा. उन्होंने ये भी कहा कि फाइनेंस और टेक्नोलॉजी कंपनी का सयुंक्त मॉडल अभी काफी नया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कंपनी के भविष्य और IPO के बाद लिस्टिंग के साथ ही गिरते भाव पर विशेषज्ञों की ये है राय...</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>Macquarie Capital Securities</strong> का मानना है कि एक पेमेंट बैंक के रूप में वह लोन नहीं दे सकते हैं. लेकिन अगर उन्हें स्मॉल फाइनेंस बैंक का लाइसेंस मिलता है, तब वे निश्चित रूप से ऐसा कर सकते हैं. हमारा मानना है कि उन्हें स्मॉल फाइनेंस बैंक का लाइसेंस मिलने की संभावना कम है. जाहिर है कि यह सब इस पर निर्भर करता है कि RBI उन्हें किस तरह तरह से देखता है. लेकिन फिलहाल पेटीएम को लेकर हमारी राय यही है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>White Oak Capital Management</strong> ने कहा कि पेटीएम अब संज्ञा की जगह क्रिया बन गई है. लोग बातचीत में इसका नाम लेकर कहते हैं पेटीएम करो, जिसका मतलब होता है कि ऑनलाइन पेमेंट करो. यूपीआई टेक्नोलॉजी के आने के बाद से इस सेक्टर को लेकर चिंताएं जाएज हैं, क्योंकि इसने मोबाइल वॉलेट की वैल्यू कम कर दी है.</p> <p style="text-align: justify;">हालांकि दूसरी तरफ यह भी देखना चाहिए कि यूपीआई पर भी आधारित PhonePe और GooglePay जैसे कई नए प्लेयर मार्केट में लीडर बनकर उभरे हैं. पेटीएम को डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री की शुरुआत करने वाला कहा जा सकता है, लेकिन फिर भी यूपीआई-आधारित पेमेंट के चलते इसे नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. साथ ही यूपीआई पेमेंट का चलन बढ़ने से पेटीएम जैसे ऐप अब हमारे मोबाइल के सबसे ज्यादा यूज किए जाने वाले ऐप बन गए हैं. इनसे बहुत अधिक पैसा तो नहीं आता है, लेकिन यूजर इगेंजमेंट बढ़ता है. इस यूजर इंगेजमेंट को दूसरे तरीकों से मॉनेटाइज किया जा सकता है.</p> <p style="text-align: justify;">पेटीएम ने ट्रैवल और बुकिंग फैसिलिटी समेत कई सर्विस लॉन्च की है. ऐसे में पेटीएम मॉनेटाइजेशन करने में लगी हुई है. आने वाले दिनों में अगर पेटीएम वित्तीय सेवाओं से जुड़े उत्पादों को भी अच्छी संख्या में बेचने में कामयाब रहती है. साथ ही अपने बैंकिंग, इंश्योरेंस और इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स को बढ़ा सकती है, तब तो लंबे समय में यह मुनाफे में आ सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Swastika Investmart</strong> का तर्क है कि शॉर्ट-टर्म निवेशक इसमें बने रह सकते हैं क्योंकि निकट अवधि में इसमें हमें कुछ वापसी देखने को मिल सकता है. लेकिन लंबी अवधि के नजरिए से हमें इसमें किसी तेजी की उम्मीद नहीं है. ऐसे में लॉन्ग-टर्म निवेशक इससे बाहर निकल सकते हैं और इसमें गिरावट पर खरीद का इंतजार कर सकते हैं. वहीं नए निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इसकी समकक्ष दूसरी कंपनियों की तलाश करें जो पेटीएम से बेहतर प्रदर्शन कर सकें. ये भी कहा गया है कि कंपनी ने अपने ब्रांड के दम पर ज्यादा वैल्यूएशन की मांग की. शॉर्ट-टर्म में इसमें कुछ सुधार देखने को मिल सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/3x3vPxd On Digital Lending Apps: देश में आधे से ज्यादा Digital Lending App हैं गैरकानूनी, RBI के वर्किंग कमिटी की रिपोर्ट</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/3HFdeMS Vikas Patra: पोस्ट ऑफिस की इस योजना में निवेश पर दोगुने मिलेंगे पैसे, जानें इस स्कीम के बारे में</a></strong></p>
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