धरती के बेहद करीब से गुजरेगा विशालकाय ऐस्‍टरॉइड, NASA की पैनी नजर

वॉशिंगटन करीब 450 फीट लंबा एक विशालकाय ऐस्‍टरॉइड शुक्रवार को पृथ्वी की कक्षा से गुजर सकता है। नासा के ट्रैकिंग डेटा में इसकी जानकारी दी गई है। ऐस्‍टरॉइड का नाम 2021RE है और यह 10 सितंबर को पृथ्वी से 3,400,000 मील की दूरी से गुजर सकता है। इस दूरी को आसान भाषा में समझने के लिए जान लीजिए कि चांद हमारी पृथ्वी से 238,855 मील की दूरी पर स्थित है। ऐस्‍टरॉइड की रफ्तार 30,000 मील प्रति घंटाअनुमान है कि 2021RE पृथ्वी के पास के करीब 30,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरेगा। इस रफ्तार से अगर यह पृथ्वी से टकरा जाता है तो सतह पर भीषण नुकसान पहुंचा सकता है। पृथ्वी पर हर दिन 100 टन से ज्यादा छोटी अंतरिक्ष चट्टानें और दूसरे ग्रहों का मलबा गिरता है। एक औसत कार से आकार में छोटी हर वस्तु पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते ही जल सकती है। हालांकि हर बार इसे खतरा नहीं माना जाता। स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से तीन गुना बड़ा ऐस्‍टरॉइडपिछले महीने खबर आई थी कि धरती की ओर स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से तीन गुना बड़ा ऐस्‍टरॉइड तेजी से बढ़ रहा है। सितंबर में यह ऐस्‍टरॉइड पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश कर जाएगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया था कि इस ऐस्‍टरॉइड का नाम 2021 NY1 है। यह पृथ्वी के निकट आने वाली (near-Earth objects) 17 वस्तुओं में से एक है, जिसे पिछले 60 दिनों से वैज्ञानिक ट्रैक कर रहे हैं। नासा ने बताया कि इस ऐस्‍टरॉइड की लंबाई 300 मीटर और मोटाई 130 मीटर के आसपास है। जबकि, स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी केवल 93 मीटर ऊंची है। 2300 तक टकरा सकता है ऐस्‍टरॉइड बेन्नूइसके 22 सितंबर को पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करने की उम्मीद है। इस महीने की शुरुआत में, नासा ने कहा कि एक नए अध्ययन ने इस संभावना को बढ़ा दिया है कि ऐस्‍टरॉइड बेन्नू 2300 तक कभी भी पृथ्वी से टकरा सकता है। ऐस्टरॉइड्स वे चट्टानें होती हैं जो किसी ग्रह की तरह ही सूरज के चक्कर काटती हैं लेकिन ये आकार में ग्रहों से काफी छोटी होती हैं। हमारे सोलर सिस्टम में ज्यादातर ऐस्टरॉइड्स मंगल ग्रह और बृहस्पति यानी मार्स और जूपिटर की कक्षा में ऐस्टरॉइड बेल्ट में पाए जाते हैं।


from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3DYQ81R
أحدث أقدم