पेइचिंग दक्षिण चीन सागर पर कब्जे के मंसूबे देख रही चीन की सेना ने रविवार को एक साथ 19 लड़ाकू विमान ताइवान की हवाई सीमा में भेजे। इनमें कई ऐसे बॉम्बर थे जो परमाणु बम गिराने में भी सक्षम हैं। चीन की इस आक्रामक कार्रवाई के बाद ताइवान की वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई की और अपने फाइटर जेट दौड़ाए। माना जा रहा है कि चीन ने इतने विमान एकसाथ भेजकर ताइवान को डराने का प्रयास किया है। इससे पहले 15 जून को 28 चीनी विमानों ने ताइवानी हवाई सीमा का उल्लंघन किया था। चीनी मिशन में 10 जे-16 और चार सुखोई-30 विमान शामिल थे। इसके अलावा 4 परमाणु बम गिराने में सक्षम H-6 बॉम्बर भी ताइवान के करीबी पहुंचे थे। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि चीन ने एक एंटी सबमरीन विमान को भी भेजा था। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि चीनी विमानों को भगाने के लिए ताइवान ने भी अपने विमान भेजे और मिसाइल सिस्टम को भी तैनात किया गया। ताइवान को चीनी भाषा में 'युद्ध के लिए तैयार' रहने की धमकी अभी इस बारे में चीन की ओर से कोई बयान नहीं आया है। ताइवान के अधिकारी पिछले कई महीने से शिकायत कर रहे हैं कि चीन की वायुसेना के विमान बहुत ही आक्रामक व्यवहार कर रहे हैं। चीनी विमान अक्सर ताइवान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करते हैं। यही नहीं चीनी सेना ने हाल ही में ताइवान के खिलाफ प्रॉपगैंडा वॉर छेड़ते हुए धमकियों भरे कई पोस्टर और वीडियो जारी किए हैं। इनमें ताइवान को चीनी भाषा में 'युद्ध के लिए तैयार' रहने की धमकी दी है। इतना ही नहीं, चीनी सैनिकों को हथियारों और जंगी साजोसामान के साथ दिखाया गया है। कई पोस्टरों में मिसाइल, टैंक जैसे हथियारों को लाइव फायर करते हुए भी दिखाया गया है। इन तस्वीरों और वीडियो को पीएलए 80वीं ग्रुप आर्मी के प्रॉपगैंडा विंग ने जारी किया है। ताइवान कभी भी चीन के झंडे के नीचे शासित नहीं रहा है। इसके बावजूद चीन हमेशा से ही इस देश को अपना हिस्सा बताता रहा है।
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