चीनी ड्रोन के बीच क्या कर रहा J-16 लड़ाकू विमान? सीक्रेट खुला तो उड़ी अमेरिका की नींद

पेइचिंग चीन के ड्रोन सेना के बीच हाल में ही नजर आए J-16 फ्लैंकर लड़ाकू विमान की गुत्थी को रक्षा विशेषज्ञों ने आखिरकार सुलझा लिया है। दावा किया जा रहा है कि चीन इन दिनों लड़ाकू विमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल की टेस्टिंग कर रहा है। अगर यह प्रयोग सफल हो जाता है तो आने वाले दिनों में J-16 लड़ाकू विमान को किसी अनमैंड एरियल व्हीकल के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। इससे युद्ध के दौरान पायटलों के जान की रिस्क कम होगी और हवाई क्षमता में भी भारी बढ़ोत्तरी होगी। एआई तकनीकी से लड़ाकू विमान उड़ा रहा चीन? विशेषज्ञों की इस संभावना से अमेरिका के भी होश उड़े हुए हैं। अभी तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सहारे लड़ाकू विमानों को उड़ाने की ताकत दुनिया के किसी भी देश के पास नहीं है। हालांकि, अमेरिका और रूस पिछले साल से इस तकनीक को लेकर ट्रायल कर रहे हैं। अमेरिका स्काईबोर्ग ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्राम चला रहा है। यह प्रोग्राम उन्नत स्वायत्त क्षमताओं के साथ मानव रहित लड़ाकू विमानों को जोड़ने पर केंद्रित है। 1 जून को ली गई तस्वीर में दिखा था लड़ाकू विमान 1 जून 2021 को चीन के शिनजियांग प्रांत के मालन के पास बने एक गुप्त परीक्षण स्थल पर प्लेनेट लैब्स सैटेलाइट ने ड्रोन्स के साथ लड़ाकू विमान की तस्वीर ली थी। इस फोटो में बेस पर परीक्षण किए जा रहे विभिन्न ड्रोनों का एक लाइनअप दिखाया गया है। इस तस्वीर में दिखने वाले हर एक ड्रोन को पहले ही पहचाना जा चुका है। इन ड्रोन्स को एक विशाल अनमैंड एयरक्राफ्ट हैंगर के पास खड़ा किया गया है। यह हैंगर एयरबेस के पश्चिमी हिस्से में बना हुआ है। ड्रोन के बीच लड़ाकू विमान क्या कर रहा? इस तस्वीर में लोगों का ध्यान जिस चीज ने सबसे ज्यादा खींचा, वह ड्रोन्स के बीच मौजूद एक लड़ाकू विमान था। इस लड़ाकू विमान की पहचान J-16 फ्लैंकर के नाम से की गई। चीन के लड़ाकू विमान इस एयरबेस पर ट्रेनिंग के लिए अक्सर आया करते हैं। लेकिन, पहले कभी भी मानव रहित विमानों यानी ड्रोन के साथ मानव युक्त लड़ाकू विमान को खड़ा नहीं देखा गया है। रक्षा विशेषज्ञों की दो संभावनाएं जानिए एक्सपर्ट ने पहली संभावना में बताया कि हो सकता है चीन लड़ाकू विमानों को ड्रोन के साथ उड़ाने की प्रेक्टिस कर रहा हो। इसमें ड्रोन को लड़ाकू विमान में लगाकर हवा से लॉन्च किया जाता है। जिससे दुश्मन के हवाई क्षेत्र में जाए बिना लड़ाकू विमान उस जगह को ड्रोन की मदद से नष्ट कर सकता है। दूसरी संभावना यह जताई गई कि चीन के इस लड़ाकू विमान को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस कर उड़ाने की तैयारी की जा रही है। इससे युद्ध के दौरान लड़ाकू विमानों के पायलटों को दुश्मन के इलाके से दूर रखने में मदद मिलेगी।


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