फ्रांसीसी प्रधानमंत्री को महिलाओं के अंडरगारमेंट्स क्यों भेज रहे लोग, जानें पूरा मामला

पेरिस कोरोना वायरस की मार से जूझ रहे फ्रांस के कई हिस्सों में इन दिनों कड़ा लॉकडाउन लगा हुआ है। सरकार के आदेश पर न केवल लोगों के बाहर निकलने और भीड़ बढ़ाने पर रोक लगाई गई है, बल्कि जरूरी समान को छोड़कर सभी दुकानों को भी बंद कर दिया गया है। इस बीच फ्रांसीसी प्रधानमंत्री जीन कैस्टेक्स का ऑफिस मेल के जरिए मिल रहे महिलाओं के अंडरवियर से परेशान है। लॉन्जरी स्टोर मालिक भेज रहे अंडरवियर दरअसल, ये अंडरवियर उन्हें लॉन्जरी स्टोर मालिक भेज रहे हैं, जिनके आउटलेट्स को महामारी के कारण बंद कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर कई ऐसी तस्वीरें शेयर की जा रही हैं, जिसमें फ्रांसीसी पीएम को लिखी चिट्ठी के साथ महिलाओं की अंडरवियर दिखाई दे रही हैं। इन चिट्ठियों में पीएम जीन कैस्टेक्स ने दुकानों और आउटलेट्स को खोलने की मांग की गई है। फ्रांस में लॉकडाउन से परेशान हैं ये लोग फ्रांस की राजधानी पेरिस को दुनिया का फैशन कैपिटल माना जाता है। दुनिया के अधिकतर टॉप फैशन ब्रांड पेरिस से ऑपरेट करते हैं। ऐसे में लॉकडाउन लगने से उनके व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। ब्रांडेड कपड़े लॉकडाउन के दौरान घोषित किए गए जरूरी सामान की लिस्ट में नहीं आता है। ऐसे में सरकार इन आउटलेट्स को खोलने की अनुमति भी नहीं दे सकती है। लॉकडाउन में लॉन्जरी स्टोर्स खोलने की अनुमति नहीं फ्रांस में लॉन्जरी स्टोर्स को गैर-आवश्यक व्यवसायों के रूप में वर्गीकृत किए जाने के बाद क्यूलोटी नाम के एक ग्रुप ऐक्शन ने पूरे फ्रांस में प्रदर्शन भी किया था। लियोन में सिल्वेट लॉन्जरी स्टोर के मालिक और प्रोजेक्ट के क्रिएटर नथाली पारेडेस ने सीएनएन को बताया कि हमारे विरोध प्रदर्शन में लॉन्जरी के 200 रिटेलर्स ने हिस्सा लिया है। हर किसी को विरोध स्वरूप पीएम को महिलाओं के अंडरवियर भेजने को कहा गया था। इसका मतलब जीन कैस्टेक्स के ऑफिस को कुल 200 पैंटी भेजे गए हैं। चिट्ठी के साथ अंडरवियर भेज जता रहे विरोध हर पैकेज के साथ क्यूलोटी संगठन ने पीएम जीन कैस्टेक्स से लॉकडाउन नियमों पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया है। जिसमें लिखा है कि यह सच है कि हम सभी आवश्यक हैं, प्रधान मंत्री। छोटे और स्थानीय व्यवसाय कीमती हैं। वे स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान करते हैं और हमारे समुदायों को जीवन देते हैं। जिसके बाद स्थानीय लोग भी इन बिजनेसमैन के समर्थन में आए हैं।


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