नाकू ला से ताइवान तक चीनी सेना जबरन कर रही घुसपैठ, भड़क सकता है तीसरा विश्‍वयुद्ध?

पेइचिंग लद्दाख में भारतीय जमीन पर कब्‍जा करने की कोशिश में लगी चीनी सेना ने अब पूर्वी सेक्‍टर में स‍िक्किम के नाकू ला पास के पास जबरन घुसपैठ की कोशिश की है। तीन दिन पहले हुई इस घटना में नाकू ला पास में तैनात चौकस भारतीय सेना ने उन्‍हें मुंहतोड़ जवाब दिया और उन्‍हें मार भगाया। चीनी सेना भारत ही नहीं ताइवान के लिए बड़ा खतरा बन गई है और उसने अपने 25 से ज्‍यादा लड़ाकू विमान ताइवान की सीमा में भेजे हैं। ड्रैगन के इसी खतरे को देखते हुए अमेरिकी विमानवाहक पोत ताइवान स्‍ट्रेट में पहुंच गया है। चीन के इस आक्रामक रुख से एशिया में तीसरे विश्‍व युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। भारत के रक्षा सूत्रों के मुताबिक पिछले हफ्ते चीनी सैनिकों ने सिक्किम के नाकू ला में घुसपैठ की कोशिश की थी। भारतीय जवानों ने उन्‍हें रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्षों में झड़प हुई। दोनों तरफ के सैनिकों को चोटें आई हैं। इस पूरी झड़प में हथियारों का इस्‍तेमाल नहीं हुआ है। उत्तरी सिक्किम के मुगुथांग दर्रे से आगे नाकु ला सेक्टर है। करीब 19,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र को चीन विवादित मानता है। इतनी ऊंचाई पर इतनी भयंकर ठंड में ऐसी घटना होना बताता है कि लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) पर दोनों देशों के बीच हालात कितने खराब हैं। चीन और ताइवान के बीच अमेरिका को लेकर जारी गतिरोध फिर से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। चीन ने रविवार को लगातार दूसरे दिन ताइवानी एयरस्पेस में अपने 15 लड़ाकू विमानों की घुसपैठ कराई। इसके बाद हरकत में आए ताइवानी एयरफोर्स ने अपनी मिसाइलों का मुंह चीन के विमानों की तरफ मोड़ दिया। इतना ही नहीं, ताइवानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने तुरंत उड़ान भरकर चीन को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। ताइवान के चेतावनी के बाद चीन के जहाज ताइवानी एयरस्पेस से भाग खड़े हुए। शनिवार को भी चीन ने ताइवान के वायुक्षेत्र में अपने 8 एच-6के परमाणु बॉम्बर्स को उड़ाया था। इनके साथ चार की संख्या में जे-16 लड़ाकू विमानों का दस्ता भी मौजूद था। ताइवान की जवाबी कार्रवाई के बाद चीन के विमान भाग गए थे। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राजनयिक की ताइवान यात्रा से चीन भड़का हुआ है। इस कारण दोनों देशों के बीच तनाव में फिर से इजाफा देखा जा रहा है। ताइवानी मिसाइलों का मुंह चीन की तरफ मंत्रालय ने कहा, ताइवान की वायु सेना ने चीनी विमानों को चेतावनी दी है और उनकी निगरानी के लिए मिसाइलों को तैनात किया है। घुसपैठ की जानकारी मिलते ही एयरबोर्न अलर्ट के स्तर को भी बढ़ा दिया गया। रेडियो चेतावनियां जारी की गईं और हवाई रक्षा मिसाइल सिस्टम को इस गतिविधि पर नजर रखने के लिए तैनात किया गया है। चीन के जिन विमानों ने ताइवान की वायुसीमा में रविवार को घुसपैठ की उसमें दो Y-8 एंटी सबमरीन एयरक्राफ्ट, दो सुखोई SU-30 लड़ाकू विमान, चार J-16 लड़ाकू विमान, छह J-10 लड़ाकू विमान और एक Y-8 मैरीटाइम एयरक्राफ्ट शामिल था। इससे पहले शनिवार को चीन के आठ H-6K और चार J-16 लड़ाकू विमानों की घुसपैठ की थी। 90 विमानों के साथ पहुंचा अमेरिकी कैरियर, तीसरे विश्‍वयुद्ध का खतरा? अमेरिका ने जो बाइडन के शपथग्रहण के चार दिन बाद ही चीन के नजदीक फिर से अपने एयरक्राफ्ट कैरियर को तैनात कर दिया है। ताइवान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच यूएसएस थिओडोर रूजवेल्ट के नेतृत्व में अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के काफिले ने शनिवार को साउथ चाइना सी में प्रवेश किया। इस स्ट्राइक ग्रुप में 90 लड़ाकू विमानों और 3000 नौसैनिकों के अलावा कई डिस्ट्रायर, फ्रिगेट्स और परमाणु पनडुब्बियां शामिल हैं। हिंद महासागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए अमेरिका ने अपने तीन एयरक्राफ्ट कैरियर्स को इस इलाके में तैनात किया है। इनमें यूएसएस रोनाल्ड रीगन, यूएएसएस थियोडोर रुजवेल्ट और यूएसएस निमित्ज शामिल हैं। यूएसएस निमित्ज वर्तमान में ईरान से तनाव के बीच खाड़ी देशों के पास तैनात है। वहीं, यूएसएस रोनाल्ड रीगन हिंद महासागर में गश्त कर रहा है। अमेरिका के सुपरकैरियर्स में यूएसएस थिओडोर रूजवेल्ट को बहुत ताकतवर माना जाता है। 332.8 मीटर लंबे इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर 90 लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर्स के अलावा 3000 के आसपास नौसैनिक तैनात होते हैं। अमेरिकी कैरियर के साउथ चाइना सी पहुंचने और चीन के आक्रामक रूख से एशिया में तीसरे विश्‍वयुद्ध का खतरा मंडराने लगा है।


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