ब्रिटेन में कोरोना का नया स्‍ट्रेन 'बेकाबू', उड़ानों पर लग रही रोक, भारत में आपात बैठक

लंदन ब्रिटेन की राजधानी लंदन समेत पूर्वी इंग्‍लैंड में कोरोना वायरस का नया प्रकार (स्‍ट्रेन) 'बेकाबू' हो गया है। लंदन की इस बेहद खराब हालत को देखते हुए यूरोप समेत दुनिया के कई देशों ने ब्रिटेन से उड़ानों पर प्रतिबंध लगा द‍िया है। कोरोना का यह नया स्‍ट्रेन न केवल ब्रिटेन बल्कि इटली, नीदरलैंड, डेनमार्क, ऑ‍स्‍ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में भी फैल गया है। इसी गंभीर खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने भी सोमवार को आपात बैठक बुलाई है। ब्रिटेन में तेजी से फैल रहा कोरोना वायरस का यह नया स्‍ट्रेन पूर्व के वायरस के मुकाबले 70 प्रतिशत अधिक तेजी से फैलता है। भारत सरकार को डर है कि अगर यह वायरस देश में आया तो बहुत तेजी से कोरोना वायरस के मामले बढ़ सकते हैं। भारत सरकार के एक सूत्र ने बताया, 'ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए प्रकार के चलते इस पर चर्चा के लिए स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) की अध्यक्षता में सोमवार को संयुक्त निगरानी समूह की बैठक होगी। भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ रॉडरिको एच ऑफ्रिन भी बैठक में शामिल हो सकते हैं जोकि जेएमजी के सदस्य हैं।' इससे पहले ब्रिटेन की सरकार द्वारा वायरस के नए प्रकार के 'नियत्रंण से बाहर' होने की चेतावनी जारी करने के बाद यूरोपीय यूनियन के कई देशों ने ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी है। वहीं, ब्रिटेन ने भी रविवार से सख्त लॉकडाउन लागू कर दिया है। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस का नया प्रकार ब्रिटेन में संक्रमण को तेजी से फैलाने के लिए जिम्मेदार है। उधर, यूरोपीय संघ भी सोमवार को बैठक कर रहा है। पहले के मुकाबले ज्‍यादा घातक नहीं है नया स्‍ट्रेन उधर, ब्रिटेन के स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों ने कहा कि इस बात के कोई साक्ष्‍य नहीं हैं कि यह वायरस ज्‍यादा घातक या वैक्‍सीन के खिलाफ अलग प्रतिक्रिया देगा लेकिन यह 70 फीसदी ज्‍यादा संक्रमण योग्‍य पाया गया है। नीदरलैंड और बेल्जियम ने ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी है, जबकि जर्मनी उड़ानों की संख्या सीमित करने पर विचार कर रहा है ताकि इसका प्रकोप समूचे यूरोपीय महाद्वीप में नहीं फैले। वहीं, नीदरलैंड ने ब्रिटेन से आने-जाने वाली उड़ानों पर कम से कम इस साल के अंत तक रोक लगा दी है और बेल्जियम ने मध्यरात्रि से ब्रिटेन से आने-जाने वाली उड़ानों पर 24 घंटे के लिए रोक लगाई है। बेल्जियम ने ब्रिटेन को जोड़ने वाली रेल सेवा भी स्थगित कर दी है। जर्मनी के अधिकारियों ने बताया कि ब्रिटेन से आने वाले विमानों को लेकर वे ‘गंभीर विकल्पों’ पर विचार कर रहे हैं लेकिन अभी कोई फैसला नहीं किया है। ब्रिटेन के कदम के चलते लिए गए फैसले नीदरलैंड ने कहा कि वह ब्रिटेन से वायरस के इस नए स्ट्रेन को आने से रोकने के लिए यूरोपीय संघ के अन्य देशों के साथ विभिन्न संभावनाओं पर चर्चा करेगा। यूरोपीय संघ के सदस्य तीनों देशों की सरकारों ने कहा कि वे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के लंदन और आसपास के इलाकों के लिए शनिवार को उठाए गए सख्त कदम के मद्देनजर यह फैसला कर रही हैं। 'तेजी से फैल रहा नया स्ट्रेन' इससे पहले पीएम जॉनसन ने श्रेणी-4 के सख्त प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि कोरोना वायरस का एक नया स्ट्रेन सामने आया है, जो पूर्व के वायरस के मुकाबले 70 प्रतिशत अधिक तेजी से फैलता है और लंदन और दक्षिण इंग्लैंड में तेजी से संक्रमण फैला सकता है। संक्रमण की दर बढ़ने को लेकर रविवार से सख्त पाबंदियों के साथ लॉकडाउन लागू किया गया था जिसके चलते लाखों लोग घरों के अंदर ही रहने को मजबूर हो गए हैं। गैर-जरूरी वस्तुओं की दुकानें और प्रतिष्ठान भी बंद कर दिए गए हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री अलेक्सेंडर डी क्रू ने रविवार को कहा कि वह एहतियातन 24 घंटे का उड़ान प्रतिबंध आदेश जारी कर रहे हैं ,जो मध्यरात्रि से प्रभावी होगा।


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