दिल्ली की सीमा पर डेरा डाले किसान फिर करेंगे कूच, प्रशासन भी रोकने को तैयार

नरेंद्र मोदी सरकार के कृषि बिलों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के किसान दिल्ली चलो मार्च निकाल रहे हैं। किसान दिल्ली जाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन पंजाब और हरियाणा की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। सीमा पर रोके जाने पर गुरुवार को किसान उग्र भी हो गए थे। उन्होंने बैरिकेडिंग उठाकर नदी में फेंक दिया था। किसानों के आंदोलन का आज दूसरा दिन है। गुरुवार रात को किसान जहां तक पहुंच सके थे, वहां उन्होंने अपना डेरा डाल लिया था। शुक्रवार को वह फिर दिल्ली के लिए कूच करेंगे। आइए, जानते हैं कि आज के लिए किसानों और प्रशासन की क्या-क्या तैयारियां हैंः

किसानों के 26 नवंबर से 28 नवंबर तक चलने वाले दिल्ली चलो प्रोटेस्ट मार्च का शुक्रवार को दूसरा दिन है। गुरुवार को प्रशासन ने उन्हें दिल्ली बॉर्डर पर रोक दिया तो किसान जगह-जगह डेरा डालकर बैठ गए। शुक्रवार को वे फिर से दिल्ली के लिए कूच करेंगे। प्रशासन और किसान दोनों तैयार हैं। ऐसे में मामला तनावपूर्ण होने के आसार भी हैं।


Farmers Protest: दिल्ली के टिकरी बॉर्डर पर झड़प, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

नरेंद्र मोदी सरकार के कृषि बिलों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के किसान दिल्ली चलो मार्च निकाल रहे हैं। किसान दिल्ली जाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन पंजाब और हरियाणा की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। सीमा पर रोके जाने पर गुरुवार को किसान उग्र भी हो गए थे। उन्होंने बैरिकेडिंग उठाकर नदी में फेंक दिया था। किसानों के आंदोलन का आज दूसरा दिन है। गुरुवार रात को किसान जहां तक पहुंच सके थे, वहां उन्होंने अपना डेरा डाल लिया था। शुक्रवार को वह फिर दिल्ली के लिए कूच करेंगे। आइए, जानते हैं कि आज के लिए किसानों और प्रशासन की क्या-क्या तैयारियां हैंः



टिकरी बॉर्डर पर झड़प
टिकरी बॉर्डर पर झड़प

दिल्ली के टिकरी बॉर्डर पर माहौल तनावपूर्ण हो गया है। किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े हैं। किसानों की ओर से पत्थरबाजी की भी खबर है। किसान दिल्ली जाने की जिद पर अड़े हैं।



दिल्ली कूच करने लगे किसान
दिल्ली कूच करने लगे किसान

प्रदर्शनकारी किसानों का एक जत्था पंजाब से चलकर बहादुरगढ़ पहुंच गया है। किसान दिल्ली जाने की कोशिश में हैं, जहां वे दिल्ली चलो प्रोटेस्ट मार्च में हिस्सा लेंगे। किसानों ने प्रशासन की किसी भी रोक को मानने से इनकार कर दिया है।



दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर चेकिंग
दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर चेकिंग

किसानों के मार्च के मद्देनजर दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर पुलिस वाहनों की सघन चेकिंग कर रही है। इस वजह से लंबा जाम लग गया है। यहां वाहनों की लंबी कतार को देखा जा सकता है। बताया गया कि दिल्ली बॉर्डर पर भारी मात्रा में CISF कर्मियों को भी तैनात किया गया है।



रोहतक में जुटे किसान
रोहतक में जुटे किसान

हरियाणा के रोहतक में किसान काफी संख्या में जुटे हैं। रोहतक-झज्जर सीमा (हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर) पर किसानों के जत्थों को देखा जा सकता है, जो दिल्ली चलो प्रोटेस्ट के तहत दिल्ली जाने की कोशिश में हैं। किसान केंद्र के कृषि बिलों का विरोध कर रहे हैं।



कोविड के बहाने रैली पर रोक
कोविड के बहाने रैली पर रोक

किसानों के 'दिल्ली चलो' आंदोलन को देखते हुए हरियाणा प्रशासन भी तैयार है। प्रशासन ने कोविड का हवाला देते हुए किसी भी तरह की रैली पर रोक लगाया है। इस मद्देनजर सिंघू बॉर्डर (हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर) पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी किसानों को रोकने के लिए तैनात किए गए हैं।



सिंघू बॉर्डर पर तैनात सुरक्षाकर्मी
सिंघू बॉर्डर पर तैनात सुरक्षाकर्मी

सिंघू बॉर्डर पर भारी मात्रा में पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों को देखा जा सकता है। यहां ड्रोन से इलाके की निगरानी की जा रही है। साथ ही इधर से गुजरने वाले वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। गुरुवार को डीसीपी ने कहा था कि किसान इधर से नहीं आ रहे हैं लेकिन प्रशासन की ओर से व्यवस्था दुरुस्त की गई है।



जिद पर अड़े किसान
जिद पर अड़े किसान

किसानों को रोकने के लिए काफी मात्रा में सुरक्षाबलों को मुस्तैद किया गया है। किसान भी दिल्ली जाने की जिद पर अड़े हैं। ऐसे में शुक्रवार को भी दिल्ली सीमा पर तनाव जैसी स्थिति बन सकती है।



पानीपत हाइवे पर जुटे किसान
पानीपत हाइवे पर जुटे किसान

हरियाणा के पानीपत हाइवे पर भी किसानों की भारी उपस्थिति देखी जा सकती है। सभी किसान दिल्ली चलो मार्च में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली जाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन ने उन्हें जाने नहीं दिया तो गुरुवार रात उन्होंने यहीं डेरा डाल लिया। किसान पानीपत हाइवे के टोल नाके पर रातभर ठहरे रहे।



पूरी व्यवस्था से चले थे किसान
पूरी व्यवस्था से चले थे किसान

किसानों को मौजूदा परिस्थिति का अंदाजा था, इसीलिए उन्होंने पूरी व्यवस्था पहले ही कर ली थी। एक किसान रॉबिनदीप सिंह ने बताया, 'हम लोग महीने भर के लिए पर्याप्त भोजन लेकर चले हैं। हमारे पास स्टोव भी है और किचन के सामान भी हैं। सर्दियों का सामना करने के लिए हम कंबल भी लेकर आए हैं।'





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