कोरोना वैक्‍सीन के प्रयासों को झटका, जॉनसन एंड जॉनसन को रोकना पड़ा ट्रायल

वॉशिंगटन अमेरिका की मशहूर कंपनी की कोरोना वायरस वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल को रोकना पड़ा है। इस ट्रायल में शामिल एक वॉलंटिअर में कुछ 'अनजान बीमारी' देखे जाने के बाद ट्रायल रोकने का फैसला किया गया। कंपनी की कोशिश थी कि ट्रायल में करीब 60 हजार वॉलंटिअर्स को शामिल किया जाए। गौरतलब है कि कंपनी का दावा है कि उसकी वैक्सीन की सिर्फ एक खुराक ही कोरोना वायरस पर असरदार साबित हो सकती है। 'अनजान बीमारी' के बाद रुके ट्रायल कंपनी ने बयान जारी कर जानकारी दी है, 'एक प्रतिभागी में कुछ अनजान बीमारी देखे जाने के बाद हमने फिलहाल अपनी COVID-19 वैक्सीन कैंडिडेट के क्लिनिकल ट्रायल रोक दिए हैं, जिसमें ENSEMBLE ट्रायल का तीसरा फेज भी शामिल है।' इस रुकावट की जांच करने के लिए एक स्वतंत्र मरीज सुरक्षा समिति बनाई गई है। इसके साथ ही कंपनी स्टडी में 60 हजार लोगों को शामिल करने के लिए ऑनलाइन एनरोलमेंट भी बंद कर दिया है। कंपनी का कहना है कि गंभीर प्रतिकूल इवेंट (SAE) होने की किसी भी, खासकर बड़ी क्लिनिकल स्टडी में उम्मीद होती ही है। उसकी गाइडलाइन्स के चलते ट्रायल को रोक दिया गया है। इस वैक्सीन के ट्रायल अमेरिका के अलावा दक्षिण अफ्रीका, अर्जंटीना, ब्राजील, चिली, कोलंबिया, मेक्सिको और पेरू में हो रहे हैं। क्यों खास है यह वैक्सीन एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही कंपनी की वैक्सीन दूसरे कैंडिडेट्स से पीछे हो, इसके दूसरे फायदे हो सकते हैं। सबसे बड़ा फायदा है कि इसे सबजीरो तापमान में स्टोर करने की जरूरत नहीं है। इसकी दो नहीं, सिर्फ एक खुराक को दिए जाने से इम्यूनिटी विकसित हो सकती है। यह वैक्सीन adenovirus में कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन का जीन इंसान के शरीर में पहुंचाती है।


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