रिपोर्ट: कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए जीवन दायक साबित हो सकता है स्टेरॉयड

नई दिल्ली () को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हुए क्लिनिकल ट्रायल में यह बात सामने आई है कि सस्ते, व्यापक रूप से उपलब्ध गंभीर रूप से बीमार रोगियों को कोविड-19 से बचने में मदद कर सकती हैं। सबूतों के आधार पर, विश्व स्वास्थ्य संगठन () ने नई एडवाइजरी जारी की है। इसके मुताबिक, कोरोना की वजह से गंभीर रूप से बीमार रोगियों के इलाज के लिए स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन शुरुआती लक्षण वाले रोगियों के लिए इसका इस्तेमाल नहीं। 'कोरोना के खिलाफ स्टेरॉयड का इस्तेमाल इलाज के लिए किया जा सकता है' JAMA के प्रधान संपादक डॉ हावर्ड सी बाउचर ने कहा, जिन्होंने उपचार के बारे में पांच पत्र प्रकाशित किए। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के इलाज के लिए स्टेरॉयड मददगार है और दुनिया भर में कोरोना के खिलाफ इसका इस्तेमाल इलाज के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्टेरॉयड अब कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए पहली पंक्ति का इलाज है। फिलहाल गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए अबतक रेमडिसीवर का इस्तेमाल किया जा रहा था। स्टेरॉयड की दवा के इस्तेमाल से कोरोना मरीजों की मौत का जोखिम कम हुआWHO ने कहा कि स्टेरॉडय की दवा से 1700 मरीजों पर सात अलग अलग जगह पर तीन तरह के ट्रायल किए गए हैं। ट्रायल के नतीजों में यह बात सामने आई है कि स्टेरॉयड की दवा के इस्तेमाल से कोरोना मरीजों की मौत का जोखिम कम हुआ है। डेक्सामेथासोन, हाइड्रोकार्टिसोन और मिथाइलप्रेडिसोलोन जैसे स्टेरॉयड अक्सर डॉक्टरों द्वारा मरीज के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, सूजन और दर्द को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है। कई कोविद -19 रोगियों की मृत्यु वायरस से नहीं, बल्कि संक्रमण के की वजह से कमरोज हुई शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की वजह से होती है।


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