पाकिस्‍तान ने चीन को 'बेचा' समुद्र, मछली पकड़ने के लिए पहुंचे ड्रैगन के 20 जहाज

इस्‍लामाबाद चीन-पाकिस्‍तान इकनॉम‍िक कॉरिडोर के जरिए चीन का उपनिवेश बनते जा रहे पाकिस्‍तान ने अब अपना समुद्र भी ड्रैगन के हवाले कर दिया है। पाकिस्‍तान ने अब चीनी जहाजों को अपने विशेष आर्थिक जोन में मछली पकड़ने की अनुमति दे दी है। उधर, पाकिस्‍तान सरकार के इस फैसले के बाद कराची में इमरान सरकार और चीन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। पाकिस्‍तान सरकार के इस फैसले से कराची के लोग सकते में हैं और हजारों की संख्‍या में मछुआरे चीन का विरोध कर रहे हैं। पाकिस्‍तान सरकार की अनुमति के बाद चीन से गहरे समुद्र में मछली पकड़ने में सक्षम 20 ट्रालर कराची पहुंचे हैं। इन चीनी जहाजों को सिंध और बलूचिस्‍तान तट के पास मछली पकड़ने की अनुमति दी गई है। पाकिस्‍तानी मछुआरे नहीं चाहते हैं कि चीन के जहाज उनके इलाके में मछली पकड़ें। इन पाकिस्‍तानी मछुआरों का कहना है कि चीनी जहाज बड़े पैमाने पर मछली पकड़ सकते हैं जिससे बाद में यहां समुद्री सिस्‍टम बिगड़ जाएगा और इसका खामियाजा उन्‍हें भुगतना पड़ेगा। पाकिस्‍तान फिशर फॉल्‍क फोरम की रिपोर्ट के मुताबिक तटीय इलाकों में मछलियों की संख्‍या पहले ही 72 प्रतिशत तक कम हो गई है। इसकी वजह बेतहाशा मछली पकड़ा जाना है। पाकिस्‍तानी मछुआरों को डर सता रहा है कि चीनी जहाज मछली पकड़ने को और ज्‍यादा मुश्किल बना सकते हैं। आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्‍तान के तटीय इलाकों में 25 लाख लोग मछली पकड़कर अपना जीवन निर्वाह करते हैं। ये मछुआरे छोटी नौका का इस्‍तेमाल करते हैं और गहरे समुद्र में नहीं जा सकते हैं। चीनी जहाज ऐसा कर सकते हैं और उनके पास विशाल जाल होती है जिसके जरिए वे बड़े पैमाने पर मछली पकड़ सकते हैं। चीन इस समय पूरी दुनिया में सी फूड पर कब्‍जा करने में लगा हुआ है, फिर चाहे वह इक्‍वाडोर हो या ऑस्‍ट्रेलियाई तट, हर तरफ चीनी जहाज मछली पकड़ने में लगे हुए हैं। बता दें कि चीन में इस समय दुनिया का एक तिहाई सी फूड खाया जाता है। इसकी वजह से चीनी तट पर मछलियां लगभग खत्‍म हो गई हैं और अब चीनी जहाजों को दुनिया के अन्‍य हिस्‍सों में जाना पड़ रहा है। इसी की तलाश में अब चीनी जहाज अरब सागर पहुंचे हैं।


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