इंदौर. अपना काम-धंधा शुरू करने के लिए नगर निगम से लोन लेने के लिए अभी तक 1 लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले पथ विक्रेता और हाथठेले पर सामान बेचने वाले लोगों को यह लोन दिया जाएगा। इसका रजिस्ट्रेशन कल तक किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के साथ सत्यापन भी किया जा रहा है, जिसमें निगम अफसरों को सपीने छूट रहे हैं। कारण उन लोगों का भी रजिस्ट्रेशन हो गया है, जो लोन लेने के लिए पात्र नहीं हैं।
कोरोना संक्रमण काल में कई लोग बेरोजगार हो गए। साथ ही फुटपाथ पर दुकान लगाने और हाथठेले पर सामान बेचने वाले कई लोगों का पैसों के अभाव में काम-धंधा बंद हो गया है। इसे फिर से शुरू करने के लिए राज्य सरकार ने 10 हजार रुपए लोन देने की घोषणा की है, जो नगर निगम के माध्यम से दिया जाएगा। जिन लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है, उनमें से कितने लोग लोन पाने के लिए पात्र हैं, इसको लेकर सत्यापन भी किया जा रहा है।
शहरी गरीब उपशमन प्रकोष्ठ के कर्मचारियों के साथ जोनल अफसर ये काम कर रहे हैं, ताकि अपात्र लोगों को हटाया जा सके। इस काम को करने में निगम अफसरों को पसीने छूट रहे हैं, क्योंकि एमपी ऑनलाइन वालों ने अपना फायदा देखते हुए कई ऐसे लोगों का भी रजिस्ट्रेशन कर दिया है, जिन्हें लोन पाने की पात्रता नहीं है। सत्यापन होते ही पात्र लोगों को एक जुलाई से लोन मिलना शुरू हो जाएगा। इस पर जो ब्याज लगेगा, वह राज्य सरकार वहन करेगी।
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