इंदौर। कोरोना कॉल चल रहा है, जिसमें एक परिवार में खुशियां आईं, किलकारियां गूंजी। अस्पताल से घर पहुंचने के बाद परिवार में राशन खत्म हो गया, जिसके लिए पार्षद के यहां गुहार लगाई गई। डिलिवरी की जानकारी लगने के बाद पार्षद पति ने मामा की भूमिका निभाई। किराना तो ठीक जापे का सामान व बच्चों के कपड़े भी भेज दिए।
यह मामला अन्नपूर्णा रोड स्थित ब्रज विहार कॉलोनी का है। आशीष चौधरी ऑटो रिक्शा चलाकर अपने परिवार का जीवन-यापन करता है। पांच दिन पहले पत्नी निकिता ने आदित्य नर्सिंग होम में बच्चे को जन्म दिया। जितनी जमा पूंजी थी, सब अस्पताल में लग गई। घर पहुंचने के बाद में राशन भी खत्म हो गया। ये बात पार्षद पति नीलेश चौधरी तक पहुंची।
स्थिति को देखते हुए चौधरी ने मामा की भूमिका निभाते हुए पहले तो राशन पहुंचाया और बाद में काजू, बादाम, शुद्ध घी सहित जापे के सामान की व्यवस्था करके महिला कार्यकर्ता के साथ पहुंचाया, ताकि परिवार को किसी भी प्रकार की कमी महसूस न हो। इसके अलावा बच्चे के लिए कपड़े भी भेजे। ये देखकर परिजन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गौरतलब है कि ये परिवार दो साल पहले ही यहां रहने आया है।
वार्ड मेरा परिवार, ये मेरा फर्ज
भाजपा नेता चौधरी का कहना है कि पूरा वार्ड मेरा परिवार है। मुझे जानकारी मिली थी कि एक परिवार में खुशियां आईं हैं, लेकिन कोरोना लॉक डाउन में वह मुसीबत का सामना कर रहा है। राशन खत्म ही हो गया था अन्य व्यवस्थाओं की बात तो दूर है। इसके चलते व्यवस्था जुटाकर परिवार तक पहुंचाई, जो मेरा फर्ज था।
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