कोरोना का केंद्र बनीं इंदौर की पुरानी और घनी बस्तियां, 80 फीसदी मरीज बिना लक्षण वाले

इंदौर. प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर मध्य प्रदेश में कोरोना का सबसे बड़ा केन्द्र है। यहां पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को काफी चुनौतीयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उनके सामने एक और चुनौती आकर खड़ी हो गई है।

जानकारी के अनुसार, इंदौर में कोरोना के जो नए मामले सामने आ रहे हैं, उनमें 80 फीसदी ऐसे मामले आ रहे हैं, जिनमें कोरोना संक्रमण से संबंधित कोई लक्षण नहीं दिख रहा है लेकिन जांच में कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं।

इंदौर के CMHO डॉक्टर प्रविण जड़िया ने बताया कि जिले में अब जो मामले सामने आ रहे हैं 80 फीसदी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें कोरोना से संबंधित कोई लक्षण नहीं है लेकिन जांच में पॉजिटिव पाए जा रहे हैं, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

सीएमएचओ ने बताया कि इंदौर की पुरानी और घनी बस्तियों में कोरोना के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। CMHO के अनुसार, जिले के जूना, रिसाला, मराठी मोहल्ला, शंकरगंज जैसे इलाकों से पिछले कुछ दिनों से 130 से अधिक मरीज मिले हैं। वहीं, रुस्तम के बगीचे इलाके से अब तक 49 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

अब तक 2637 केस

गौरतलब है कि इंदौर में अब 2637 मामले सामने आ चुके हैं जबकि मृतकों की संख्या 103 हो गई है। वहीं अब तक 1158 लोग स्वस्थ होकर अपने-अपने घर जा चुके हैं, 1376 मरीजों का अब भी शहर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।



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