इंदौर। अच्छी नौकरियों के लिए युवाओं को हुनरमंद बनाने की योजना पर सरकार ने काम शुरू कर दिया है। आइटी विभाग प्रदेश की 250 आइटी कंपनियों में युवाओं को इंटर्न के रूप में काम दिलाने का प्रयास कर रहा है। हर कंपनी अपने स्टाफ का 15 प्रतिशत इंटर्न के रूप में युवाओं को नौकरी पर रख सकती है। उनकी सैलरी का करीब 75 प्रतिशत सरकार की ओर से रीइंबर्समेंट किया जाएगा। मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के तहत यह काम हो रहा है।
15 जून से कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन
7 जून से कंपनियों का रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। 15 जून से इसमें प्रशिक्षण हासिल करने के लिए युवा भी रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। मप्र सरकार की योजना के तहत बनी वेबसाइट पर इसका पंजीयन किया जा सकेगा।
स्किल्ड की श्रेणी में आएंगे युवा
एक साल की इंटर्नशिप से युवा स्किल्ड की श्रेणी में आ जाएंगे। आइटी विभाग की वेबसाइट पर उनकी और प्रशिक्षण देने वाली कंपनी की जानकारी रहेगी। ताकि, दूसरी कंपनियां उन्हें हायर कर सकें।
भुगतान का फार्मूला
इंटर्न को कंपनी जो वेतन देगी, उसका 75% सरकार उन्हें लौटा देगी। यह राशि अधिकतम 10 हजार रुपए प्रतिमाह होगी। इसके बाद कंपनी उन्हें नियुक्ति देती हैतो वह वेतन अलग होगा।
एक साल बाद स्थाई नौकरी
योजना के तहत सभी आइटी कंपनियों से संपर्क कर फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। आइटी विभाग के जनरल मैनेजर द्वारकेश कुमार सराफ के मुताबिक, योजना के तहत आइटी कंपनी अपने स्टाफ के अनुपात में 15 प्रतिशत इंटर्न के रूप में रख सकते हैं। इंटर्न से एक साल तक काम कराने के साथ कंपनी उसे प्रशिक्षण भी देगी। एक साल बाद आवश्यकतानुसार इंटर्न को कंपनी स्थाई नौकरी देगी। जिन्हें नौकरी नहीं मिलेगी, उनके लिए विभाग काम करेगा।
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