इंदौर। शहर में 42 दिन के बाद मौसम का सबसे ज्यादा गर्म दिन रहा। सुबह से ही शहर गर्म हवाओं की चपेट में आ गया था। दिन में 2.30 बजे ही पारा 38 डिग्री पर पहुंच गया था। इसके बाद आसमान पर आए बादलों ने इसकी रफ्तार को धीमा किया। शाम 5.30 बजे यह 38.5 डिग्री पर जाकर थमा। दूसरी ओर शहर व मालवा-निमाड़ में इस बार मानसून सामान्य से कम बरसने की भविष्यवाणी की गई है, जिससे इस बार शहर व आसपास की नदियों में बाढ़ देखने को नहीं मिलेगी।
इस साल ठंड के बाद गर्मी के मिजाज भी कुछ अलग तरह के नजर आ रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो दक्षिण-पश्चिम मानसून भी चौंकाने वाला ही होगा। गर्मी का सीजन मार्च में शुरू हुआ, लेकिन पारा सामान्य से आगे नहीं खसका। अप्रेल में यह चक्रवाती हवा के फेर में फंस गया। सुबह 9 बजे से ही ठंडी हवा में गर्माहट महसूस होने लगी। दोपहर तक तो ऐसा लगा, जैसे लू चल रही थी। तापमान में भी 2 डिग्री सेल्सियस का उछाल देखने को मिला है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल तीनों सिस्टम हवा हो गए हैं। राजस्थान पर सायरस का असर समाप्त हो गया है। पश्चिमी विक्षोभ और द्रोणिका का असर भी कमजोर होने से अब तापमान रफ्तार पकड़ेगा और गर्मी बढ़गी।
बारिश की झड़ी व बाढ़ की संभावना कम
मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि इस बार मौसम का मिजाज अलग बन रहा है। गर्मी तो पड़ेगी ही, लेकिन जिस तरह के संकेत मिल रहे हैं वह मालवा-निमाड़ में बारिश की झड़ी और बाढ़ की संभावना कम लग रही है। क्योंकि मानसूनी परिस्थितियों में बदलाव देखने को मिला है।
ये है विभाग की चेतावनी
-मालवा निमाड़ में मानसून सामान्य से कम।
-अल नीनो की चपेट रहेगा मौसम इसलिए बारिश कम होगी।
इसके प्रमुख कारण
-हिमालय और यूरोपिय क्षेत्रों में कमजोर बर्फबारी, जमाव कम होना।
-हिंद महासागर में उदासीनता के लक्षण मिलना।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/LGbmuHn