इंदौर. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एमजी रोड पर बड़ा गणपति चौराहा से कृष्णपुरा छत्री तक सडक़ चौड़ीकरण किया गया है। रोड तो बन गई, किंतु मल्हारगंज पुलिस थाने से लेकर गौराकुंड चौराहा तक 5 धार्मिक स्थल बाधक हैं। इन्हें हटाने की पूरी तैयारी नगर निगम ने कर ली थी, लेकिन कार्रवाई होने से पहले पटेल नगर में बावड़ी हादसा हो गया और फिर मंदिर तोडऩे की कार्रवाई कर दी गई। इसको लेकर बवाल मच गया और अब निगम के अफसरों को भी कार्रवाई करने में पसीने छूट रहे हैं।
बड़ा गणपति चौराहा से कृष्णपुरा छत्री तक 60 फीट चौड़ा रोड स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है। सीमेंट कांक्रीट का काम पूरा हो गया है, लेकिन स्टॉर्म वाटर, ड्रेनेज और नर्मदा की पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है। रोड चौड़ीकरण के लिए निगम ने लोगों के घर-दुकानों के बाधक निर्माण बड़ी संख्या में तोड़े। इसके साथ ही कई धार्मिक स्थल भी हटाए गए, लेकिन मल्हारगंज पुलिस थाने के आगे छोटा गणपति मंदिर, शनि महाराज का मंदिर व एक अन्य मंदिर, गौराकुंड चौराहा पर राम द्वार एवं दुर्गामाता मंदिर को हटाने में निगम के अफसरों को पसीने छूट रहे हैं। कारण क्षेत्रीय लोगों का विरोध है। ऐसे में निगम के अफसरों ने सत्ताधारी दल भाजपा के बड़े नेताओं से बात कर रोड में बाधक इन पांच धार्मिक स्थलों को हटाने की तैयारी कर ली थी।
धार्मिक स्थल हटाने के लिए निगम की रिमूवल गैंग मौके पर पहुंचती उससे पहले रामनवमी यानी 30 मार्च को पटेल नगर स्थित बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में बावड़ी की स्लैब धंस गई और 36 लोग काल के गाल में समा गए। इसके बाद जिला प्रशासन और निगम ने मिलकर पटेल नगर में कार्रवाई करते हुए नए और पुराने दोनों मंदिर तोड़ दिए। बावड़ी को अलग पाट दिया गया। मंदिर तोडऩे की कार्रवाई का विरोध क्षेत्रीय लोगों ने किया और सडक़ पर आकर अपना आक्रेोश दिखाया था। पटेल नगर में मंदिर फिर से बनाने की घोषणा अलग की गई। इसके बाद जिला प्रशासन और निगम बैकफुट पर आ गया। एमजी रोड पर मल्हारगंज पुलिस थाने से गौराकुंड चौराहा तक पांच धार्मिक स्थल हटाने की तैयारी भी धरी की धरी रह गई।
निगम अफसरों को डर है कि एमजी रोड पर बचे पांच धार्मिक स्थल हटाने पर पटेल नगर जैसे हालत न बन जाए और कोई नया बवाल न खड़ा हो जाए। अब धार्मिक स्थल को हटाने के लिए चर्चा के प्रयास नए सिरे से किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि एमजी रोड पर धार्मिक स्थल न हटने से रोड का काम अटका पड़ा है। अभी अस्थायी रूप से काम किया गया है ताकि लोगों को आवगमन में दिक्कत न हो।
यहां पर भी नहीं हटे धार्मिक स्थल
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनी जयरामपुर कॉलोनी से सिलावटपुरा दरगाह तिराहा, नृसिंह बाजार, सीतलामाता बाजार होते गौराकुंड चौराहा के बीच, सरवटे से गंगवाल बस स्टैंड के बीच, बियाबानी चौराहा, सरस्वती नदी किनारे जवाहर मार्ग से चंद्रभागा ब्रिज के बीच छोटे-बड़े मिलाकर कई धार्मिक स्थल हटना बाकी हैं। कनाडिय़ा रोड पर बंगाली चौराहे से पत्रकार कॉलोनी चौराहे के बीच सडक़ चौड़ीकरण में चार बड़ी धार्मिक बाधा अभी तक नहीं हटी है। केसरबाग रोड पर आरटीओ ऑफिस के यहां डिवाइडर पर मंदिर बना हुआ है। एमआर 9 पर अनूप टॉकीज के सामने बजरंग नगर की तरफ से आ रही रोड के चौराहे पर मंदिर और बीआरटीएस पर छोटी खजरानी के यहां मस्जिद का कुछ हिस्सा अब भी बाधक है। इन बाधाओं को निगम आज तक नहीं हटा पाया है, जबकि रोड बने काफी समय हो गया और ट्रैफिक चल रहा है। हालांकि मंदिर और मस्जिद का निर्माण हटाने को लेकर निगम को हाई कोर्ट ने हरी झंडी दे रखी है। इसके बाद भी इन धार्मिक स्थलों को निगम नहीं हटा पाया है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/DkR4M1U