120 किमी की नई रेल लाइन से कम होगी इंदौर की दूरी, बचेगा समय

इंदौर. इंदौर से संबंधित दो महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इसी के साथ शहर से जुड़ी ट्रेन सेवाओं की नई राह भी खुल गई है। रतलाम मण्डल के दो महत्वपूर्ण खण्ड रतलाम-फतेहाबाद-चंद्रावतीगंज-लक्ष्मीबाई नगर इंदौर और उज्जैन-फतेहाबाद चंद्रावतीगंज दोहरीकरण की कवायद शुरू हो गई है। दोहरीकरण से सबसे ज्यादा फायदा इंदौर को होने वाला है। इससे कई रूटों की दूरी कम होगी और नई ट्रेनें मिलेंगी।

बजट में इंदौर-खंडवा गेज परिवर्तन, इंदौर-उज्जैन डबलीकरण के साथ ही मनमाड़ और दाहोद प्रोजेक्ट के लिए अच्छी राशि मिली है। इसी कड़ी में रतलाम-फतेहाबाद-चंद्रावतीगंज-लक्ष्मीबाई नगर इंदौर और उज्जैन-फतेहाबाद चंद्रावतीगंज रेल लाइन दोहरीकरण योजना भी शामिल हो गई है।

दोनों रेल खंड के दोहरीकरण की मांग लंबे समय से की जा रही थी जोकि अब पूरी होती दिख रही है। सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि पिछले दिनों रेलमंत्री से इस बारे में चर्चा की थी। अब केंद्र सरकार ने दोनों प्रोजेक्ट के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन के बाद भूमि अधिग्रहण का रास्ता भी साफ हो गया है।

कई रूटों की दूरी कम होगी, नई ट्रेनें मिलेगी
रतलाम-फतेहाबाद-चंद्रावतीगंज-लक्ष्मीबाई नगर इंदौर के बीच 120 किमी और उज्जैन-फतेहाबाद चंद्रावतीगंज के बीच 22 किलोमीटर की लाइन डाली जाएगी। इससे कई रूटों की दूरी कम होगी और नई ट्रेनें मिलेंगी। रेलवे एक्सपर्ट नागेश नामजोशी ने बताया कि दोहरीकरण से सबसे ज्यादा फायदा इंदौर को होने वाला है। रतलाम और उज्जैन की पहुंच आसान और कम समय में होगी। इंदौर से अजमेर तक डबल लाइन मिलेगी। इससे ट्रेनों का निर्बाध संचालन होगा और नई ट्रेनें मिलेंगी।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/mNqhtdl
Previous Post Next Post