सब्जी बेचने आए किसानों का मंडी प्रशासन ने बनाया चालान... हुआ हंगामा

इंदौर। चोइथराम सब्जी मंडी में अतिक्रमण बताकर चालानी कार्रवाई करने से किसान भड़क गए। मंडी समिति के कर्मचारी व किसानों के बीच जमकर बहस हुई और जमकर हंगामा हो गया। किसानों ने चालान की रसीदों को फाड़कर फेंक दिया। साथ में आंदोलन की धमकी दे दी, जिस पर कर्मचारी उल्टे पैर लौट गए। इधर, व्यापारियों का कहना है कि जहां पर अवैध अतिक्रमण है, उन पर कार्रवाई न करते हुए संरक्षण दिया जा रहा है।

आज सुबह चोइथराम सब्जी मंडी प्रशासन की टीम अचानक सक्रिय हो गई। रसीद कट्टे लेकर घूमने लगे तो मंडी में अतिक्रमण हटाने की टीम प्रकट हो गई। मंडी में व्यापार के लिए बनाए गए ओटलों के बाहर रखे रखे सामान को जब्त करना शुरू कर दिया। इस पर किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। इस पर चालानी कार्रवाई करते हुए दो-दो सौ रुपए की रसीदें काट दीं। इस पर किसान नाराज हो गए। कहना था कि ये क्या तानाशाही है? सरकार हमको सुविधा देने की बात कर रही है और तुम हम पर चालानी कार्रवाई कर रहे हो। सुविधा तो कुछ दे नहीं रहे हो, हमको परेशान जरूर कर रहे हो। धीरे-धीरे किसान जमा होने लगे।

कुछ किसानों ने रसीदें भी फाड़ दीं। कहना था कि हड़ताल करके मंडी मैं बैठ जाएंगे। इस पर कर्मचारी तुरंत उस जगह से चलता हो गए। आगे दूसरे ब्लॉक में कार्रवाई करने का प्रयास किया, लेकिन वहां भी भारी विरोध हो गया। बताते हैं कि आज सुबह मंडी के प्रभारी एडीएम राजेश राठौर और मंडी सचिव नरेश परमार दौरे पर आए थे जिसके चलते मंडी प्रशासन कार्रवाई दिखाने की कोशिश कर रहा था।

भड़के व्यापारी
सब्जी मंडी के थोक व्यापारी भी इस कार्रवाई से नाराज हो गए। कहना है कि जहां व्यापार होता है, वहां कोई कब्जा करके नहीं बैठा है। किसान माल लाते हैं, जो बिक जाता है। असलीअतिक्रमण तो मंडी नाके से प्रवेश के आमने-सामने है। उसके बाद मंडी में प्रवेश के बाद आलू प्याज, फल और सब्जी मंडी में जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण है। अवैध दुकानें लगती हैं। उस पर कार्रवाई करने की ह्मित नहीं दिखाते है, बल्कि संरक्षण देते हैं। कई बार शिकायतें कर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है।


नाके पर हो रही चोरी
चोइथराम सब्जी मंडी में नाके पर जमकर धांधली हो रही है। पहले भी कई बार शिकायतें हो चुकी हैं। यहां तक कि दस रुपए की रसीद पर 1500 रुपए की रिश्वत जैसी कहानियां भी सामने आईं, लेकिन मंडी प्रशासन ने आज तक न तो जांच कराई और न ही किसी कर्मचारी पर कार्रवाई की। ये सारा खेल अफसरों की नाक के नीचे हो रहा है।



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