<p style="text-align: justify;"><strong>Rakesh Jhunjhunwala Take On Realty Developers: </strong>दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) ने कहा कि रियल्टी कंपनियों के शेयर (Realty Companies Stocks) अन्य बड़ी कंपनियों के शेयरों की तुलना में पूंजी पर बहुत कम रिटर्न देते है. लिहाजा उन्हें बाजार में सूचीबद्ध यानी लिस्ट नहीं करना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>CII के कार्यक्रम में दी अपनी राय</strong><br />उन्होंने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा रियल एस्टेट पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए कहा, ‘‘अगर मैं एक डेवलपर होता, तो बाजार में सूचीबद्ध नहीं होता. यह एक ऐसा व्यवसाय नहीं है, जिसमें सूचीबद्ध होने की संभावना है.’’ झुनझुनवाला ने कहा कि बड़ी कंपनियों के शेयर पूंजी पर 18 से 25 फीसदी का रिटर्न देते हैं, जबकि रियल एस्टेट श्रेणी में यह छह से सात फीसदी है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>राकेश झुनझुनवाला का नया वेंचर- अकासा एयर</strong><br />रेयर एंटरप्राइजेज का संचालन करने वाले झुनझुनवाला एक नई एयरलाइन कंपनी अकासा एयर के प्रमुख शेयरधारक बनने के लिए तैयार हैं. अपने नए वेंचर अकासा एयर की बात करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि ये वेंचर सफल होगा. अकासा एयर को लेकर गेम प्लान होने की बात पर भी उन्होंने भरोसा जताया. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>केवल सस्ते मकान बनाने वाले डेवलपर्स दें लिस्टिंग पर ध्यान- राकेश झुनझुनवाला</strong><br />उन्होंने कहा कि केवल सस्ते मकान बनाने वाले डेवलपर्स को ही सूचीबद्धता पर विचार करना चाहिए. इसमें घरों की संख्या ऊंची होने की वजह से वे अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं. शेयर बाजार में हालांकि मैक्रोटेक डेवलपर्स (पूर्व में लोढ़ा) और डीएलएफ जैसे बहुत कम रियल एस्टेट कंपनियां ही सूचीबद्ध हैं. झुनझुनवाला ने डीएलएफ के मामले का हवाला देते हुए कहा कि डीएलएफ के शेयर की कीमत 1,300 रुपये प्रति शेयर शेयर से घटकर 80 रुपये पर आ गई थी. यह बाजार में जोखिम को दर्शाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/zaCr4Ob Rate Today: सोने का भाव एक साल के उच्च स्तर के करीब, जानें आज कहां पहुंचे हैं गोल्ड रेट्स</strong></a></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/zKEZOjh बैंकिंग सेक्टर का आउटलुक 'स्टेबल' से बदलकर 'इंप्रूविंग' हुआ, लोन ग्रोथ का एस्टीमेट भी जानें</strong></a></p>
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