इस्लामाबाद पाकिस्तानी नौसेना ने रविवार को एक भारतीय नाव पर फायरिंग कर दी। गुजरात तट के पास हुई गोलीबारी में एक भारतीय मछुआरे की मौत हो गई है। पाकिस्तान मरीन ने 'जलपरी' नाम की नाव पर गुजरात के द्वारका में गोलियां बरसाईं। खबरों के मुताबिक श्रीधर नाम के एक मछुआरे की मौत के अलावा एक अन्य घायल हुआ है। पाकिस्तान पहले भी भारतीय मछुआरों के खिलाफ गिरफ्तारी और नौका जब्ती जैसी कार्रवाई कर चुका है। इससे पहले पाकिस्तान ने मार्च में 11 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर उनकी दो नौकाएं तो जब्त कर लिया था। वहीं फरवरी में भी पाकिस्तान ने 17 भारतीय मछुआरों को देश के जलक्षेत्र में कथित रूप से प्रवेश करने के लिए गिरफ्तार किया था और उनकी तीन नौकाओं को जब्त कर लिया था। पाकिस्तान और भारत अरब सागर में स्पष्ट समुद्री सीमा नहीं होने के कारण अक्सर एक-दूसरे के मछुआरों को गिरफ्तार करते रहते हैं। स्पष्ट सीमा न होने की कीमत चुकाते हैं मछुआरे पाकिस्तान और भारत अक्सर एक दूसरे के मछुआरों को गिरफ्तार करते रहते हैं क्योंकि अरब सागर में समुद्री सीमा का कोई स्पष्ट सीमांकन नहीं है। और मछुआरों के पास उनके सटीक स्थान को जानने के लिए तकनीक से लैस नौकाएं नहीं हैं। सुस्त नौकरशाही और लंबी विधिक प्रक्रियाओं के कारण, मछुआरे आमतौर पर कई महीनों तक जेलों में रहते हैं और कभी-कभी सालों तक भी। श्रीलंका ने गिरफ्तार किए भारतीय मछुआरेपिछले महीने श्रीलंकाई नौसेना ने देश के जलक्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में 23 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर उनकी दो नौकाएं जब्त कर लिया था। नौसेना ने उत्तरी प्रांत में पॉइंट पेद्रो क्षेत्र के वेट्टीलैकनी तट पर मछुआरों को गिरफ्तार किया था। मार्च में नौसेना ने अपने देश के जलक्षेत्र में मछली पकड़ने के आरोप में 54 भारतीय नागरिकों को पकड़ा था और उनकी नौकाएं जब्त कर ली थीं।
from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi, coronavirus vaccine latest news update https://ift.tt/3EWL4ux