बीएसएफ का क्षेत्राधिकार बढ़ाने पर पंजाब की चुप्पी से भड़के मनीष तिवारी, अपनी ही सरकार से किया सवाल

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने पंजाब में सीमा सुरक्षा बल (BSF) का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने को लेकर अपनी ही सरकार को निशाने पर ले लिया। उन्होंने प्रदेश की सरकार से सवाल किया कि उसने केंद्र की अधिसूचना को सप्रीम कोर्ट में चुनौती अब तक क्यों नहीं दी? लोकसभा सदस्य तिवारी ने यह भी पूछा कि क्या केंद्र के नोटिफिकेशन का विरोध करना दिखावा मात्र है? अपनी ही सरकार से सवाल तिवारी ने ट्वीट कर कहा, 'पंजाब में बीएसएफ को सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में मिले अधिकार क्षेत्र से जुड़ी केंद्र की अधिसूचना को करीब एक महीने हो गए। पंजाब सरकार की ओर से अनुच्छेद 131 के तहत उच्चतम न्यायालय में इस अधिसूचना को चुनौती क्यों नहीं दी गई? क्या विरोध सिर्फ एक दिखावा मात्र है?' केंद्र ने बढ़ाया था बीएसएफ का क्षेत्राधिकार गौरतलब है कि केंद्र ने बीएसएफ को अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किमी के भीतर क्षेत्र में तलाशी लेने, संदिग्धों को गिरफ्तार करने और जब्ती करने का अधिकार दिया है। पहले यह अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर तक था। पंजाब सरकार ने इसका जोरदार विरोध किया था। मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने इसे संघवाद पर हमला बताया था। पंजाब सरकार ने किया था विरोध पंजाब के मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए ट्वीट किया, 'मैं अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के साथ 50 किमी के क्षेत्र में बीएसएफ को अतिरिक्त अधिकार देने के भारत सरकार के एकतरफा फैसले की कड़ी निंदा करता हूं, जो संघवाद पर सीधा हमला है। मैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस असंगत निर्णय को तुरंत वापस लेने का आग्रह करता हूं।' कांग्रेस में दो फाड़ हालांकि, इस मुद्दे पर तब भी कांग्रेस के अंदर से ही चन्नी सरकार के खिलाफ आवाज उठी थी। पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इसे लेकर सीएम चन्नी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की गृह मंत्री अमित से बैठक की पोस्ट और BSF को दी गई नई जिम्मेदारी की मीडिया रिपोर्ट को शेयर करते हुए लिखा, 'आपने क्या पूछा है सावधान रहें! क्या चरणजीत चन्नी ने अनजाने में पंजाब का आधा हिस्सा केंद्र सरकार को सौंप दिया है। 25000 वर्ग किमी (कुल 50,000 वर्ग किमी में से) को अब बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में रखा गया है। पंजाब पुलिस स्तब्ध है। क्या हम अब भी राज्यों के लिए अधिक स्वायत्तता चाहते हैं?' रंधावा ने किया था बचाव पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्र के फैसले की निंदा की और केंद्र से इसे वापस लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से इस कदम को वापस लेने का आग्रह करता हूं। मुझे समझ में नहीं आता कि सरकार के दिमाग में क्या है, लेकिन यह हस्तक्षेप और हमारे अधिकारों पर हमला है' रंधावा ने कहा कि सीमा पार से आने वाले ड्रोन के मुद्दे के समाधान के बजाय, केंद्र ने बीएसएफ को सीमा के अंदर 50 किलोमीटर की दूरी तक कार्रवाई करने की अनुमति देने का फैसला किया है। सुखजिंदर रंधावा ने कहा, 'मुझे लगता है कि केंद्र को हमारी राष्ट्रीयता पर संदेह है। मैं कहना चाहता हूं कि पंजाबी देशभक्त हैं और देश से प्यार करते हैं।' बाद में, एक बयान में, रंधावा ने बीएसएफ अधिनियम की धारा 139 में हालिया संशोधन के लिए केंद्र पर बरसते हुए कहा कि यह ‘संघवाद पर हमले’ के समान है। उन्होंने कहा कि राज्यों से परामर्श किए बिना या उनकी सहमति प्राप्त किए बिना बीएसएफ अधिकारियों को पुलिस अधिकारियों की शक्तियां प्रदान करके केंद्र सरकार संविधान के संघीय ढांचे को ध्वस्त करने का प्रयास कर रही है।


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