इंदौर। डेढ़ साल में दो बार लॉकडाउन की वजह से कई विवाह समारोह आगे टाल दिए गए थे। ऐसे में इस बार शादियों के मुहूर्त भी कम होने से कई जगहों पर अभी से हॉल, गार्डन और मैदान बुक हो चुके हैं। दीपपर्व के समापन के बाद देवउठनी ग्यारस से एक बार फिर शहनाइयां गूंज उठेंगी। इस बार 14 नवंबर को देवउठनी एकादशी है, जिसे प्रबोधिनी या देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के मुताबिक इस दिन से भगवान श्री हरि विष्णु पाताल में विश्राम काल पूरा करने के बाद क्षीर सागर से निकल कर सृष्टि का संचालन शुरू करते हैं। चार माह का चातुर्मास पूरा होने को हैं, इस दौरान 14 नवंबर को देवउठनी एकादशी से शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। 15 नवंबर से 13 दिसंबर तक विवाह मुहूर्त हैं। दो महीनों के दौरान कुल 16 दिन ही वैवाहिक मुहूर्त हैं। ऐसे में समारोह के लिए जगह से लेकर कैटरिंग, बैंड बाजा सहित अन्य के बुकिंग बूम पर है। इसके बाद 15 जनवरी 2022 शादी समारोह हो सकेंगे। फिर अप्रैल से जुलाई के बीच मुहूर्त है।
जनवरी-फरवरी के मुहूर्त
हिन् धर्म में विवाह का पहला मुहूर्त 1 नवंबर 2021 को है। नवंबर माह कुल 7 शुभ मुहूर्त और दिसंबर 202 में कुल 6 शुभ मुहूर्त हैं। नवंबर के विवाह मुहूर्त 15, 16, 20, 21, 28 29, 30 है। वहीं दिसंबर के विवाह मुहूर्त 1, 2, 6, 7, 11, 13 को विवाह हो सकेंगे। वहीं अगले वर्ष 2022 वे जनवरी में 15, 20, 23, 24, 27, 28 29, 30 और फरवरी में 5, 6, 11, 12 18 19 22 में विवाह महर्त हैं।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3H1eGIY