अमेरिकी दौरे पर मिशन मोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उधर पाकिस्तानी पूछ रहे- कहां हैं इमरान खान

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका पहुंच चुके हैं। कोरोना महामारी के बीच अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता के मद्देनजर पीएम मोदी का यह दौरा काफी अहम और चुनौतीपूर्ण है। उनके सामने एक साथ कई चीजों को साधने की चुनौती है। चुनौती बड़ी है तो पीएम मोदी भी मिशन मोड में दिख रहे हैं जो उनके शेड्यूल से झलकता है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी मोर्चे पर डटे हुए हैं। इन सबके बीच पीएम मोदी के अमेरिका दौरे की पाकिस्तान में गूंज है। पाकिस्तानी पूछ रहे हैं कि इमरान खान सीन से पूरी तरह गायब क्यों हैं। पीएम मोदी का यह अमेरिका दौरा अबतक का सबसे चुनौतीपूर्ण क्यों? पीएम मोदी जब आज तड़के वॉशिंगटन डीसी में उतरे होंगे तो उनके दिमाग में क्या बातें चल रही होंगी? यह सवाल इसलिए क्योंकि मोदी इस बार अपने सबसे चुनौतीपूर्ण मिशन पर है। वे यूं तो अमेरिका पहले भी कई बार गए हैं, लेकिन इस पर सीन बिल्कुल जुदा है। उनकी अपने कार्यकाल की संभवत यह पहली यात्रा है जिसमें उनके सामने कई चीजों को साधने की चुनौती है। अफगानिस्तान में तालिबान के आने से जिस तरह से दुनिया और खासकर साउथ एशिया के सारे समीकरण बदल गए हैं, उससे मोदी अगले 3 दिन क्या-क्या करेंगे उस पर हर किसी की नजर है। मोदी के दौरे का शेड्यूल पर नजर डालेंगे तो यह साफ हो जाएगा। मोदी पहले ही दिन से मिशन मोड में हैं। दिग्गज कंपनियों के सीईओ के साथ मीटिंग, ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन, अमेरिकी उप राष्ट्रपति कमला हैरिस और जापान के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा के साथ द्विपक्षीय मीटिंग, यह सिर्फ पहले ही दिन का अजेंडा है। 24 को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ वाइट हाउस में भी उनकी मीटिंग तय है। अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद बाइडन और पीएम मोदी की यह पहली मुलाकात है। हालांकि, नवंबर से लेकर अबतक दोनों नेता 3 बार फोन पर बातचीत कर चुके हैं और एक साथ वर्चुअल समिट में भी हिस्सा ले चुके हैं। इन सबके बीच में विदेश मंत्री जयशंकर भी मिशन पर हैं। पाकिस्तानी मीडिया में पीएम मोदी के दौरे की गूंज उधर, पाकिस्तानी मीडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी दौरे की गूंज सुनाई दे रही है। न्यूज चैनलों पर पैनलिस्ट और ऐंकर इमरान खान सरकार को कोस रहे हैं। सवाल उठा रहे हैं कि तालिबान को लेकर खुद की पीठ थपथपा रहे इमरान खान तो अब कहीं सीन में ही नहीं हैं। एक पैनलिस्ट ने कहा कि पूरी दुनिया की नजर पीएम मोदी के अमेरिका दौरे पर है। वहां वह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से मिलेंगे। क्वॉड नेताओं के साथ बैठक करेंगे। कोई इस पर सवाल उठा रहा है कि इधर इमरान खान बाइडन की एक फोन कॉल को तरस गए, उधर मोदी का वाइट हाउस में इस्तकबाल के लिए बेताब हैं। इमरान खान तो कोरोना का बहाना बनाकर यूएन की बैठक के लिए अमेरिका भी नहीं जा रहे। पाकिस्तानी टीवी मीडिया कह रहा है कि अमेरिका में भारत का प्रभाव काफी बढ़ा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर लगातार सक्रिय हैं लेकिन शाह महमूद कुरैशी कहीं नहीं दिख रहे। भारत तालिबान मुद्दे पर दुनिया के देशों को अपने रुख से वाकिफ करा रहा है। एक ऐंकर ने तो यहां तक आरोप लगाया कि भारत ने ब्रिटेन और न्यूजीलैंड को यूज किया, दोनों देशों की क्रिकेट टीमें पाकिस्तान दौरे से पीछे हट गईं। अफगानिस्तान में पाक-चीन के नापाक खेल को फेल करने में जुटे जयशंकर अफगानिस्तान में तालिबान राज के बाद पाकिस्तान और चीन अफगान जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ करने की नापाक हरसत पाले हुए हैं। उनके नापाक मंसूबों की कलई खोलने और उसकी हवा निकालने के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर लगातार सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिकी दौरे की तैयारियों के लिए पिछले महीने भी वह 4 दिन के न्यूयॉर्क दौरे पर गए थे। इस समय भी वह अमेरिका में डटे हुए हैं। पिछले 2-3 दिनों में वह सऊदी अरब, ईरान, इराक, वियतनाम, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, जर्मनी, जापान, तंजानिया, चिली, श्रीलंका, फिनलैंड, हंगरी, डोमिनिका रिपब्लिक, दक्षिण कोरिया, इटली, साइप्रस, ब्रिटेन, फ्रांस, बेल्जियम, लिथुआनिया, नार्वे समेत तमाम देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक की। ज्यादातर बैठकों का अजेंडा अफगानिस्तान रहा।


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