तेहरान पंजशीर घाटी में तालिबान के साथ मिलकर नरसंहार करने के आरोपों से घिरे पाकिस्तान को ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कड़ी चेतावनी दी है। अहमदीनेजाद ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में जो किया है, वह निकट भविष्य में उसका पीछा करता रहेगा और इस्लामाबाद को इसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नेतृत्व में तालिबान को सत्ता सौंपना पश्चिमी देशों की शैतानी साजिश है और इसका खामियाजा भारत, ईरान, रूस और पाकिस्तान जैसे देशों को उठाना होगा। वियॉन न्यूज के साथ बातचीत में अहमदीनेजाद ने कहा कि तालिबान के फिर से उदय का दुष्परिणाम भारत, ईरान, पाकिस्तान, रूस, चीन और अन्य क्षेत्रीय देशों को भुगतना होगा। उन्होंने पाकिस्तान का आह्वान किया कि वह अफगान संकट को दूर करने के लिए भारत और ईरान के बीच चल रहे प्रयासों में शामिल हो। पंजशीर में पाकिस्तानी अधिकारियों के सीधे तौर पर शामिल होने के आरोप पर अहमदीनेजाद ने कहा, 'मैं पाकिस्तानी अधिकारियों को सलाह देना चाहता हूं कि अफगानिस्तान में जो कुछ भी हुआ है, वह फैलेगा और पाकिस्तान तथा उन सभी देशों को अपनी गिरफ्त में लेगा जिसने तालिबान का समर्थन किया है।' पंजशीर में पाकिस्तानी करतूतों की जांच कर रहा ईरान पूर्व ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि इसका असर अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और चीन तक जाएगा। अहमदीनेजाद का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब ईरान ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया था कि वह पंजशीर में पाकिस्तानी करतूतों की जांच कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पंजशीर के कमांडरों की 'शहादत' बहुत ही निराशाजनक है और ईरान बीती रात हुए हमलों की बेहद कड़े शब्दों में निंदा करता है। तेहरान टाइम्स ने ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद खतीब जादेह के हवाले से कहा, 'पंजशीर हमले के दौरान पाकिस्तानी हस्तक्षेप की जांच की जा रही है। ईरान का मानना है कि अंतर अफगान बातचीत ही अफगान समस्या का एकमात्र हल है।' उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'मैं कड़ाई से चेतावनी देता हूं कि सभी लक्ष्मण रेखा को पार न करें और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जिम्मेदारियों को आवश्यक रूप से माना जाना चाहिए।' अमेरिका के सांसद ने भी पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की मांग की ईरानी प्रवक्ता ने कहा, 'ईरान अफगानिस्तान के घटनाक्रम पर नजदीकी से नजर रखे हुए है।' उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान का इतिहास बताता है कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हस्तक्षेप का नतीजा केवल हमलावर की हार होता है। इस बीच अमेरिका के एक सांसद ने भी अफगानिस्तान के पंजशीर में तालिबान के हमले में कथित तौर पर मदद करने के लिए पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इलिनोइस के सांसद एडम किन्ज़िंगर ने कहा,‘अगर पुष्टि हो जाती है तो हमें न सिर्फ सभी सहायताएं बंद कर देनी चाहिए, बल्कि हमें प्रतिबंध भी लगाने चाहिए। पाकिस्तान अब हमें दिखा रहा है कि उसने वर्षों हमसे झूठ बोला, उन्होंने तालिबान को बनाया और उन्हें संरक्षण भी दिया। ’
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