Corona Vaccine: फाइजर इसी साल भारत को 5 करोड़ खुराक देने को तैयार, लेकिन रखीं ये शर्तें

<p style="text-align: justify;"><strong>Corona Vaccine:</strong> देश में जानलेवा कोरोना वायरस की दूसरी लहर बरकरार है. कई राज्य कोरोना वैक्सीन की कमी से जूझ रहे हैं. इस बीच अमेरिका की फाइजर कंपनी इसी साल भारत को &nbsp;पांच करोड़ टीके उपलब्ध कराने को तैयार है लेकिन वह क्षतिपूर्ति सहित कुछ नियामकीय शर्तों में बड़ी छूट चाहती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कब-कब मिलेंगे टीके</strong><strong>?</strong></p> <p style="text-align: justify;">फाइजर ने कहा है कि भारत को एक करोड़ टीके जुलाई में, एक करोड़ अगस्त में और दो करोड सितंबर और एक करोड़ टीके अक्टूबर में उपलब्ध कराये जायेंगे. कंपनी ने कहा है कि वह केवल भारत सरकार से बात करेगी और टीकों का भुगतान भारत सरकार की तरफ से फाइजर इंडिया को करना होगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अबतक फाइजर टीके के दुष्प्रभाव की रिपोर्ट नहीं</strong></p> <p style="text-align: justify;">खरीदे गये टीके का घरेलू स्तर पर वितरण करने का काम भारत सरकार को खुद करना होगा. सूत्र ने कहा है कि भारत को टीके की आपूर्ति के लिये फाइजर ने भारत सरकार से क्षतिपूर्ति का करार किए जाने की शर्त भी रखी है और इसके दस्तावेज भेजे हैं. फाइजर के मुताबिक उसने अमेरिका सहित 116 देशों से क्षतिपूर्ति के करार किये हैं. दुनियाभर में फाइजर टीके की अब तक 14.7 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं. फिलहाल कहीं से भी किसी तरह के उल्लेखनीय दुष्प्रभाव की रिपोर्ट नहीं है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अगले साल भारत को मिल सकता है मॉडेर्ना का एक खुराक वाला टीका</strong></p> <p style="text-align: justify;">वहीं, मॉडेर्ना का एक खुराक वाला टीका अगले साल भारत में उपलब्ध हो सकता है. इसके लिये वह सिप्ला और अन्य भारतीय दवा कंपनियों से बातचीत कर रही है. कि मॉडेर्ना ने भारतीय प्राधिकरणों को यह बताया है कि उसके पास 2021 में अमेरिका से बाहर के लिए टीके का स्टॉक नहीं हैं. समझा जाता है कि सिप्ला ने मॉडेर्ना से 2022 में पांच करोड टीके की खुराक की खरीद में रुचि दिखाई है.</p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि वैश्विक और घरेलू बाजारों में टीके की उपलब्धता को लेकर कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में पिछले सप्ताह कुछ उच्चस्तरीय बैठकें हुईं. इनमें विदेश मंत्रालय, नीति आयोग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, कानून मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी मौजूद थे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>देश में अब तक 20 करोड़ टीके की खुराक दी गईं</strong></p> <p style="text-align: justify;">देश में टीकाकरण अभियान में फिलहाल दो टीकों कोवीशील्ड और कोवैक्सिन का इस्तेमाल किया जा रहा है. भारत ने रूस की स्पुतनिक वी वैक्सीन को भी मंजूरी दी है लेकिन अभी इसकी आपूर्ति बहुत सीमित संख्या में है. इस साल जनवरी मध्य में शुरू किये गये टीकाकरण अभियान के बाद से अब तक 20 करोड़ टीके की खुराक दी जा चुकी हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/coronavirus-india-icmr-to-study-effectiveness-of-covishield-and-covaxin-in-preventing-severe-covid-1919171">कोरोना के गंभीर रूप लेने से रोकने में कोविशील्ड और कोवैक्सीन कितनी प्रभावी? जांच करेगा ICMR</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/coronavirus-india-lancet-citizens-panels-8-recommendations-for-centre-and-state-govts-1919152">कोरोना वायरस: साइंस जर्नल लांसेट ने केंद्र और राज्यों को दिए 8 सुझाव, केंद्रीय प्रणाली बनाने की दी सलाह</a></strong></p>

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