<p style="text-align: justify;"><strong>कोरोना वायरस</strong><strong>:</strong> देश इस वक्त कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है. हालांकि अब नए मामलों में गिरावट दर्ज की जा रही है. इस बीच कोरोना से प्रभावी तरीके से निपटने और मौत रोकने के लिए साइंस जनरल लांसेट के विशेषज्ञों के एक समूह ने केंद्र और राज्य सरकारों को आठ सुझाव भेजे हैं. साइंस जनरल लांसेट ने वैक्सीन की खरीद और बंटवारे के लिए मोदी सरकार को केंद्रीय प्रणाली बनाने की सलाह दी है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विकेंद्रीकृत खरीद की मौजूदा नीति खत्म करने के सुझाव</strong></p> <p style="text-align: justify;">ब्रिटिश चिकित्सा पत्रिका ‘लांसेट’ में प्रकाशित एक आलेख में विशेषज्ञों ने केंद्र और राज्य सरकारों को तत्काल कदम उठाने की सिफारिश की है. आठ सिफारिशों में राज्य द्वारा पारदर्शी मूल्य नीति और अनौचारिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए नकदी हस्तांतरण के उपाय भी शामिल हैं. टीकों की खरीद और निशुल्क वितरण, राज्य सरकारों के जरिए विकेंद्रीकृत खरीद की मौजूदा नीति खत्म करने के सुझाव भी हैं.</p> <p style="text-align: justify;">आलेख में 21 विशेषज्ञों ने लिखा है, ‘‘इस तरह के दृष्टिकोण से उचित मूल्यों का निर्धारण होगा और राज्यों के बीच असमानता को कम किया जा सकता है.’’ विशेषज्ञों ने कहा है ये सिफारिशें उन तात्कालिक कदमों पर केंद्रित हैं जिन्हें केंद्र और राज्य सरकारों को संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बीच कोरोना के कारण होने वाले जान के नुकसान और मुश्किलों को कम करने में मदद करने के लिए उठाना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सूचनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार और कर्मियों का कुशल प्रबंधन हो</strong></p> <p style="text-align: justify;">कमिशन ने यह भी सिफारिश की है कि स्वास्थ्य प्रणाली के सभी क्षेत्रों के बीच समन्वित प्रयासों के लिए जिला स्तरीय कार्यकारी समूहों को लगातार बदल रहे हालात से निपटने के लिए स्वायत्तता मिलनी चाहिए और कोष और अन्य संसाधन हासिल करने का अधिकार मिलना चाहिए. बीमारी से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए दिए गए सुझाव में कहा गया है कि एक पारदर्शी मूल्य नीति और सभी जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं के मूल्यों पर नियंत्रण, कोरोना के प्रबंधन पर साक्ष्य आधारित सूचनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, कर्मियों का कुशल प्रबंधन होना चाहिए. </p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि ‘लांसेट सिटिजंस कमिशन ऑन रीइमेजिंग इंडियाज हेल्थ सिस्टम’ की शुरुआत पिछले साल दिसंबर में हुई थी. इस समूह में वेल्लौर में क्रिश्चयन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी में) प्रोफेसर, विषाणु विज्ञानी गगनदीप कांग और नारायण हृदयालय के अध्यक्ष देवी शेट्टी समेत 21 विशेषज्ञ हैं. इस समूह में हार्वर्ड टी. एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर विक्रम पटेल, बायोकॉन लिमिटेड की कार्यकारी अध्यक्ष और संस्थापक किरण मजूमदार शॉ, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च, नयी दिल्ली की मुख्य कार्यकारी अधिकारी यामिनी अय्यर शामिल हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/pfizer-tells-goverment-its-coronavirus-vaccine-highly-effective-against-variant-reported-in-india-1919101">फाइजर ने केंद्र सरकार से कहा- उसका कोरोना टीका 12 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिये उपयुक्त</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/3oSnBDL मंत्रालय ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस भेजकर पूछा- क्यों नहीं किया नियम का पालन?</a></strong></p>
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