हनुमान जयंती 2021 : इस बार बन रहे हैं दो विशेष संयोग, जानिए पूजा मुहूर्त

नई दिल्ली। हिन्‍दू कैलेंडर के मुताबिक हर साल चैत्र शुक्‍ल पूर्णिमा को श्री हनुमान जयंती मनाई जाती है। इस बार हनुमान जयंती 27 अप्रैल को मनाया जा रहा है। इस दिन राम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था। पवनपुत्र के नाम से प्रसिद्ध हनुमान जी की माता अंजनी और पिता वानरराज केसरी थे। हनुमान जी भगवान शिव के 11वें रूद्र अवतार हैं। उन्होंने त्रेतायुग में प्रभु श्रीराम की भक्ति और सेवा के लिए जन्म लिया। हनुमान जयंती के दिन भक्त हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए व्रत भी रखते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जी की विधि- विधान से पूजा करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। हनुमान जी को बुद्धि व विद्या का प्रतीक माना जाता है।

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हनुमान जयंती पर शुभ योग
इस वर्ष हनुमान जयंती पर दो विशेष योग का निर्माण हो रहा है। इन योगों में बजरंगबली की पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त किया जा सकता है। कई सालों बाद हनुमान जयंती मंगलवार को पड़ रही है। मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित किया जाता है इसलिए इस बार की हनुमान जयंती तिथि बहुत शुभ है। इसके साथ ही इस दिन शुभ संयोग भी बन रहे है। इसके साथ ही हनुमान जयंती पर सिद्धि और व्यातीपात नामक दो योग का निर्माण हो रहा है। ऐसे में इस बार की हनुमान जयंती बहुत स्पेशल है। सिद्धि योग में किए गए कार्य फलीभूत होते हैं और सफलता प्राप्त होती है।

हनुमान जयंती का महत्व
भक्‍तों के लिए हनुमान जयंती का खास महत्‍व है। इस दिन भगवान हनुमान की सच्चे मन से पूजा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं। संकटमोचन हनुमान को प्रसन्‍न करने के लिए भक्‍त पूरे दिन व्रत रखते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। हनुमान जी की पूजा लाल सिंदूर से की जाए तो हर बिगड़ा काम बन जाता है। इस मौके पर मंदिरों में विशेष पूजा- पाठ का आयोजन होता है। हनुमान जी को प्रसन्‍न करने के लिए सिंदूर चढ़ाया जाता है और सुंदर कांड का पाठ करने का भी प्रावधान है। 27 अप्रैल को रात 12 बजकर 16 मिनट से सिद्धि योग आरंभ होगा जो कि रात को 08 बजकर दो मिनट तक रहेगा।

हनुमान जयंती पूजा विधि
हनुमान जी की पूजा में ब्रह्मचर्य का विशेष ध्यान रखें। ब्रह्मचर्य का पालन एक दिन पहले से ही करें। हनुमान जयंती के दिन सूर्योदय से पहले उठें। एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर राम, सीता और हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद बजरंग बली को लाल फूल, सिंदूर, गुड़ चने का प्रसाद, बेसन के लड्डू, गैंदा, गुलाब, कनेर, सूरजमुखी, केसरयुक्त चंदन, धूप- अगरबती, शुद्ध घी या चमेली के तेल का दीपक जालकर उनकी विधिवत पूजा करें। इसके बाद हनुमान चालीसा और बंजरग बाण का पाठ करें अंत में पहले राम जी की आरती उतारें उसके बाद हनुमान जी आरती उतारें।

हनुमान जयंती पूजा मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि का प्रारम्भ: 26 अप्रैल, दोपहर 12 बजकर 44 मिनट से।
पूर्णिमा तिथि का समापन: 27 अप्रैल, रात्रि 9 बजकर 01 मिनट पर।



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