देश में गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत की सैन्य ताकत को राजपथ पर दुनिया ने देखा। परेड के दौरान थल सेना अपने मुख्य जंगी टैंक टी-90 भीष्म, इनफैन्ट्री कॉम्बैट वाहन बीएमपी-दो सरथ, ब्रह्मोस मिसाइल की मोबाइल प्रक्षेपण प्रणाली, रॉकेट सिस्टम पिनाका, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली समविजय समेत अन्य का दमखम प्रदर्शित किया। गणतंत्र दिवस परेड पर इस साल नौसेना अपने पोत आईएनएस विक्रांत और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान नौसैन्य अभियान की झांकी पेश की। भारतीय वायु सेना हल्के लड़ाकू विमान तेजस और देश में विकसित टैंक रोधी निर्देश मिसाइल ध्रुवास्त्र पर प्रस्तुति पेश की गई।देश में मंगलवार को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान पहली बार राफेल लड़ाकू विमानों की उड़ान के साथ टी-90 टैंकों, समविजय इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली, सुखोई-30 एमके आई लड़ाकू विमानों समेत अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया गया।

देश में गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत की सैन्य ताकत को राजपथ पर दुनिया ने देखा। परेड के दौरान थल सेना अपने मुख्य जंगी टैंक टी-90 भीष्म, इनफैन्ट्री कॉम्बैट वाहन बीएमपी-दो सरथ, ब्रह्मोस मिसाइल की मोबाइल प्रक्षेपण प्रणाली, रॉकेट सिस्टम पिनाका, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली समविजय समेत अन्य का दमखम प्रदर्शित किया। गणतंत्र दिवस परेड पर इस साल नौसेना अपने पोत आईएनएस विक्रांत और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान नौसैन्य अभियान की झांकी पेश की। भारतीय वायु सेना हल्के लड़ाकू विमान तेजस और देश में विकसित टैंक रोधी निर्देश मिसाइल ध्रुवास्त्र पर प्रस्तुति पेश की गई।
T-90 भीष्म टैंक

टी-90 टैंक अभी दुनिया में सबसे उन्नत टैंक में शुमार होता है। टी-90 टैंक रूस में तैयार किया गया है। ये टैंक सबसे अचूक निशाना लगाने के लिए जाना जाता है। इसको भारत में भीष्म का नाम दिया गया है। ड्रैगन के साथ गतिरोध के बीच इसे चीन से लगती सीमा पर तैनात किया गया है। और इसको भारत का Main Battle Tank भी कहा जाता है।
Here is mechanized column led by T90 Bheeshma Main Battle Tanks; The tank can fire laser guided missiles and engage… https://t.co/mcQmtDMxkF
— PIB India (@PIB_India) 1611637494000
ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम
ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। 21वीं सदी की सबसे खतरनाक मिसाइलों में से एक, ब्रह्मोस मैच 3.5 यानी 4,300 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम रफ्तार से उड़ सकती है इसे पनडुब्बी, जंगी जहाज, एयरक्राफ्ट या फिर जमीन से भी लॉन्च किया जा सकता है। BrahMos में से Brah का मतलब 'ब्रह्मपुत्र' और Mos का मतलब 'मोस्कवा'। यानी दोनों देशों की एक-एक नदी के नाम से मिलाकर इस मिसाइल का नाम बना है। हाल ही में रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) ने इसकी मारक क्षमता को 298 किलोमीटर से बढ़ाकर 450 किलोमीटर किया है।
पिनाका मल्टी लॉन्चर रॉकेट सिस्टम

पिनाका असल में एक फ्री फ्लाइट आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम है जिसकी रेंज 37.5 किलोमीटर है। पिनाक रॉकेट्स को मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर से छोड़ा जाता है। लॉन्चर सिर्फ 44 सेकेंड्स में 12 रॉकेट्स दाग सकता है। भगवान शिव के धनुष 'पिनाक' के नाम पर डेवलप किए गए इस मिसाइल सिस्टम को भारत और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर तैनात करने के मकसद से बनाया गया है।
शिल्का वेपन सिस्टम

अपग्रेडेड शिल्का वेपन सिस्टम आसमानी आफतों से बचाता है। यह एक ताकतवर और सटीक एयर डिफेंस सिस्टम है। इसका थ्रीडी ट्रैकिंग राडार आसमान से आने वाले हर मुसीबत को पहचान कर उसे मार गिराने में सक्षम हैं। 140 एयर डिफेंस रेजिमेंट (सेल्फ प्रोपेल्ड) की कैप्टन प्रीति चौधरी अपग्रेडेड शिल्का वेपन सिस्टम का नेतृत्व किया। कैप्टन चौधरी
में सेना की एकमात्र महिला कंटिंजेंट कमांडर रहीं।
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