ट्रैक्टर रैली हिंसा: ऐक्शन मोड में पुलिस, किसान नेता दर्शन पाल को नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब

नई दिल्ली गणतंत्र दिवस पर शांतिपूर्ण ट्रैक्टर परेड के नाम पर देश की राजधानी में तोड़फोड़ और हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस अब ऐक्शन मोड में है। किसान नेताओं के खिलाफ नामजद FIR के बाद अब उन्हें कारण बताओं नोटिस जारी करने का सिलसिला शुरू हो रहा है। बुधवार को पुलिस ने क्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रमुख दर्शन पाल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 3 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। जवाब के लिए दिया 3 दिन का समय दिल्ली पुलिस ने किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा को लेकर किसान नेता दर्शन पाल को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर हिंसा को 'सबसे निंदनीय और राष्ट्र विरोधी कृत्य' करार देते हुए पाल से तीन दिनों के भीतर अपना जवाब पेश करने को कहा। हिंसा में शामिल संगठन के लोगों का नाम बताने को भी कहा गया इतना ही नहीं, पुलिस ने दर्शन पाल सिंह से यह भी पूछा है कि वह अपने संगठन से जुड़े उन लोगों को नाम बताएं जो 26 जनवरी को हुई हिंसा में शामिल थे। नोटिस में ट्रैक्टर परेड के लिए निर्धारित शर्तों के उल्लंघन का भी हवाला दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि रैली के लिए नियमों और शर्तों पर आपसी सहमति जताने के बावजूद पाल और अन्य किसान नेताओं ने गणतंत्र दिवस पर बेहद गैर जिम्मेदाराना तरीके से काम किया। पुलिस कमिश्नर दे चुके हैं चेतावनी- दोषी बख्शे नहीं जाएंगे इससे पहले, दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस. एन. श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि 26 जनवरी की हिंसा में किसान नेता शामिल थे। उन्होंने साथ में सख्त चेतावनी भी दी है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। श्रीवास्तव ने कहा, ‘पुलिस के पास कई विकल्प थे लेकिन वह संयम बनाए रखा गया। हमने हालात को सही तरीके से संभाला इसलिए ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा में पुलिस की कार्रवाई में कोई जनहानि नहीं हुई।’ अब तक 25 FIR, दर्शन पाल समेत 37 किसान नेता नामजद दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा में अब तक पुलिस ने 25 मामले दर्ज किए हैं। 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। FIR में जिन नेताओं को नामजद किया गया है, उनमें मेधा पाटकर, योगेन्द्र यादव, दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढूनी, राकेश टिकैत, कुलवंत सिंह संधू, सतनाम सिंह पन्नू, जोगिंदर सिंह उग्राहा, सुरजीत सिंह फूल, जगजीत सिंह डालेवाल, बलबीर सिंह राजेवाल और हरिंदर सिंह लाखोवाल समेत 37 किसान नेता शामिल हैं। हिंसा और तोड़फोड़ में दिल्ली पुलिस के 394 कर्मी जख्मी हिंसा और तोड़-फोड़ में दिल्ली पुलिस के 394 कर्मी घायल हुए हैं जबकि एक प्रदर्शनकारी की मौत हुई है। समयपुर बादली थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज FIR के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने हिंसा के दौरान पुलिस से पिस्तौल, 10 गोलियां और आंसू गैस के दो गोले लूट लिए। FIR में IPC की कई धाराओं का जिक्र है जिनमें 307 (हत्या की कोशिश), 147 , 353 (किसी व्यक्ति द्वारा एक लोक सेवक/सरकारी कर्मचारी को अपने कर्तव्य के निर्वहन से रोकना) और 120बी (आपराधिक साजिश) शामिल हैं। एक FIR में दिल्ली पुलिस के एक कर्मी ने दावा किया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक को ट्रैक्टर से टक्कर मारकर उनकी हत्या का प्रयास किया।


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