चीन ने मीटिंग से पहले अचानक कमांडर क्यों बदला?

पेइचिंग लद्दाख में जारी तनाव को कम करने के लिए होने वाली लेफ्टिनेंट जनरल की बातचीत से पहले चीन ने भारत से लगने वाले वेस्टर्न थियेटर कमांड के प्रमुख को बदल दिया है। नए कमांडर का नाम शू चिलिंग है। हालांकि चीन ने यह कदम क्यों उठाया इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। पहली बार ऐसा हो रहा है कि भारत चीन सीमा पर बॉर्डर पर्सनल मीटिंग के दौरान थ्री स्टार जनरल शामिल होंगे। भारतीय सीमा पर तैनात है चीन की वेस्टर्न थिएटर कमांड चीन की नई चाल से कयासबाजियों का नया दौर शुरू हो गया है। बता दें कि PLA की वेस्टर्न थिएटर कमांड भारत के साथ 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की सुरक्षा करती है। पीएलए के वेस्टर्न थिएटर कमांड में आर्मी, एयरफोर्स और रॉकेट फोर्स शामिल हैं। पहले इसका नेतृत्व जनरल झाओ जोंगकी के हाथ में था। ऐसे में मीटिंग के ठीक पहले कमांडर का बदला जाना कई तरह के संकेत दे रहा है। कोरोना से फजीहत, यहां इज्जत पर चोट एलएसी पर तनातनी की वजह चीन भले ही लद्दाख में की ओर से सीमा का कथित उल्लंघन बता रहा हो, पर सच्चाई इसके परे है। कोरोना वायरस की उत्पति और जानकारी छिपाने के आरोप में चीन पहले से ही चौतरफा घिरा है। वर्ल्ड पावर बनने की चीनी चाहत को कोरोना ने बड़ी चोट दी है। ऐसे में कमजोर होती इकॉनमी और बेरोजगारी बढ़ने की डर से चीन ने भारतीय सीमा पर तनाव का चाल चल अपनी जनता को गुमराह करने की कोशिश की है। मौजूदा दौर में जंग दूर-दूर तक नजर नहीं आती है। ऐसे में चीन को कहीं न कहीं कदम पीछे खींचना होगा, नहीं तो उसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। भारत की तरफ से ले. जनरल हरिंदर सिंह करेंगे बातचीत भारतीय सेना के लेह में स्थित 14 कॉर्प्‍स के कमांडर ले. जनरल हरिंदर सिंह चीनी समकक्ष अधिकारियों से बातचीत करेंगे। बता दें कि ले. जनरल हरिंदर सिंह काउंटर इनसर्जेंसी में माहिर माने जाते हैं। वह लेह की 14 कॉर्प्‍स के कमांडर हैं जिसे 'फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्‍स' भी कहा जाता है। ले. जनरल सिंह की यूनिट सबसे खतरनाक टेरेन, मौसम और ऊंचाई पर ऑपरेट करती है। पिछले साल अक्‍टूबर में 14 कॉर्प्‍स की कमान संभालन से पहले, ले. जनरल हरिंदर सिंह कई अहम पदों पर रहे हैं। वह मिलिट्री इंटेलिजेंस, मिलिट्री ऑपरेशंस, ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्‍स और स्‍ट्रैटजिक मूवमेंट के डायरेक्टर जनरल रह चुके हैं। चार पॉइंट पर भारत सख्त सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में भारत के तेवर सख्त रहेंगे। इसमें कम से कम चार ऐसे पॉइंट हैं जिन पर भारत का रुख सख्त रहने की उम्मीद की जा रही है। भारत चाहता है कि चीन के सैनिक भारतीय इलाके से हट जाएं। एलएसी पर अग्रिम चौकियों पर तैनात चीनी सैनिकों को वापस भेजा जाए। गलवान में भारत का इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने का काम जारी रहे। साथ ही भारत यह आश्वासन भी चाहता है कि सीमा पर अब और हिंसक झड़पें नहीं होंगी। पिछले महीने हुई झड़प में दोनों तरफ के कई सैनिक घायल हो गए थे।


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